भारतीय-अमेरिकियों से हार्वे राहत कार्यों के लिए 10 लाख डॉलर जुटाने की अपील


ह्यूस्टन|
 
 
 
ह्यूस्टन। अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय से वहां भीषण तबाही मचाने वाले  के राहत कार्यों के लिए जुटाने की अपील की गई है। अमेरिका के इतिहास  में यह अब तक के सबसे भयानक समुद्री तूफानों मे से एक है जिसमें 50 से ज्यादा लोगों  की मौत हो चुकी है।
 
में आए इस चक्रवात में राहत कार्यों के लिए यहां पर भारत के महावाणिज्य दूत  अनुपम रे भारतीय समुदाय से धन जुटाने की अपील की है। रे ने कहा कि इसका मकसद  समुदाय के धन जुटाने के प्रयासों का एकीकरण करना है।
 
उन्होंने कहा कि यह के वृहद समुदाय के लिए हमारी प्रतिबद्धता और समर्थन को  दिखाता है। हम धन जुटाने के प्रयास कर मेयर के चक्रवात हार्वे राहत कोष और गवर्नर  ग्रेग एबॉट के टेक्सास पुननिर्माण कोष के लिए मदद करना चाहते हैं। रे की इस अपील के  बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग ह्यूस्टन में भारतीय महावाणिज्य दूतावास पहुंचे।
 
यहां रे ने उन्हें बताया कि गवर्नर ने दक्षिणी टेक्सास और दक्षिण-पूर्वी टेक्सास में पुनर्निर्माण  के प्रयासों में मदद देने के लिए 2 कोष बनाए हैं जिनमें समुदाय के सदस्य अपना योगदान  दे सकते हैं और योगदान तथा उसका इस्तेमाल कहां किया जा रहा है इसका पता अपने  चंदे के माध्यम पर एक कोड लिखकर लगा सकते हैं।
 
उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के पीछे यह इच्छा भी है कि इस क्षेत्र में भारत की छवि  और मजबूत हो। यहां मौजूद 3 भारतीय तेल कंपनियों गेल, ऑइल इंडिया और ओएनजीसी  ने भी 10-10 हजार अमेरिकी डॉलर दान देने का फैसला किया है।
 
इसके अलावा डेल कम्प्यूटर्स के संस्थापक और सीईओ माइकल डेल ने भी घोषणा की कि  वे गवर्नर फंड में आने वाली रकम के बराबर दान देंगे। भारतीय-अमेरिकी वाणिज्य मंडल के  सदस्य जगदीप अहलूवालिया ने कहा कि मंडल कारोबारों की पुन: स्थापना में मदद करेगा।  इंडिया हाउस ने प्रत्येक कोष के लिए 50 हजार अमेरिकी डॉलर देने का संकल्प लिया है।
 
आईएसीएफ के निर्वाचित अध्यक्ष महेश वाधवा ने 1 लाख अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा  की है जिसमें से 25 हजार डॉलर वर्तमान अध्यक्ष वनिता पोथुरी की तरफ से दिया जाएगा।  श्री सीताराम फाउंडेशन के अरुण वर्मा ने भी 10 हजार अमेरिकी डॉलर देने का संकल्प  किया है। (भाषा)

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :