वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने बजट में आयकर में राहत की बड़ी आस लगाए वेतनभोगियों, महिलाओं तथा बुजुर्गों के लिए रियायतों का पिटारा खोल दिया।
चिदंबरम ने संसद में पेश 2008-09 के आम बजट पेश वेतनभोगियों के लिए आयकर छूट की सीमा को एक लाख दस हजार से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किए जाने की घोषणा की। महिलाओं और बुजुर्गों की क्रमश: एक लाख 80 हजार रुपए तथा सवा दो लाख रुपए की आय पर अब कोई कर नहीं लगेगा।
इससे पहले महिलाओं तथा बुजुर्गों के लिए आयकर छूट की सीमा क्रमश: एक लाख 45 हजार और एक लाख 95 हजार रुपए थी।
आयकर की छूट की सीमा बढ़ाए जाने से प्रत्येक आयकरदाता को कम से कम चार हजार रुपए की राहत मिलेगी। वित्तमंत्री ने आयकर छूट की सीमा बढ़ाए जाने के साथ ही कर श्रेणियों की नई दरों की भी घोषणा की है।
बजट घोषणा के अनुसार अब डेढ़ लाख रुपए तक आय वाले को कोई कर नहीं देना पड़ेगा। डेढ़ लाख रुपए से अधिक तथा तीन लाख रुपए से कम आमदनी वाले को दस प्रतिशत आयकर देना होगा। बीस प्रतिशत के कर दायरे में तीन लाख रुपए से ऊपर और पाँच लाख रुपए कम आय वाले आएँगे। पाँच लाख रुपए से अधिक आमदनी पर 30 प्रतिशत कर लगेगा।
ऐसे आयकरदाता जो अपने माता-पिता के लिए चिकित्सा बीमा की प्रीमियम अदा करते हैं, वे धारा 80 (घ) के तहत 15000 रुपए तक की अतिरिक्त वार्षिक कटौती पाने के हकदार होंगे।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना 2004 और पोस्ट ऑफिस सावधि बचत खाते को आयकर धारा 80 (ग) के तहत बचत वर्ग में रखा जाएगा। आयकर पर दो प्रतिशत का शिक्षा अधिभार जारी रहेगा।
आयकर की प्रस्तावित नई दरें- वेतनभोगी | | 150000 रुपए तक | शून्य | 150001 रुपए से 300000 तक | 10 प्रतिशत | 300001 रुपए से 500000 तक | 20 प्रतिशत | 500000 रुपए से ऊपर | 30 प्रतिशत | वरिष्ठ नागरिक | | 225000 रुपए तक | शून्य | 250001 रुपए से 300000 तक | 10 प्रतिशत | 300001 रुपए से 500000 तक | 20 प्रतिशत | 500000 रुपए से ऊपर | 30 प्रतिशत | महिलाएँ | | 180000 रुपए तक | शून्य | 180001 रुपए से 300000 तक | 10 प्रतिशत | 300001 रुपए से 500000 तक | 20 प्रतिशत | 500000 रुपए से ऊपर | 30 प्रतिशत |
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