बसपा-सपा गठबंधन पर भाजपा का कटाक्ष, अस्तित्व को बचाने के लिए मिला रहे हैं हाथ

Ravi Shankar Prasad,
पुनः संशोधित शनिवार, 12 जनवरी 2019 (16:22 IST)
नई दिल्ली। भाजपा ने शनिवार को कहा कि उत्तरप्रदेश में सपा और बसपा सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने के लिए साथ आई हैं। पार्टी ने इस गठबंधन को तवज्जो नहीं देते हुए जोर दिया कि आगामी में इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सपा और बसपा ने देश या उत्तरप्रदेश के लिए गठबंधन नहीं किया है, दरअसल वे अपने अस्तित्व के लिए साथ आए हैं। वे अपने बल पर मोदी का मुकाबला नहीं कर सकते और मोदी विरोध ही इनके गठबंधन का आधार है।

उन्होंने इन बातों को भी तवज्जो नहीं दी कि कभी एक-दूसरे के विरोधी रहे इन दोनों दलों के साथ आने से लोकसभा चुनाव पर कोई प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल गणित का विषय नहीं होता, यह रसायन की भी बात होती है। कई बार दो चीजों के मिलने से तीसरा पदार्थ भी बन जाता है।

भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि समय आ गया है जब देश को यह तय करना होगा कि उसे एक मजबूत सरकार चाहिए या फिर मजबूर सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में समावेशी विकास हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक देश में शासन करने के बाद पार्टी आज देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है।

उल्लेखनीय है कि सपा और बसपा आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन के तहत उत्तरप्रदेश की 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। दो सीटें छोटी पार्टियों के लिए छोड़ी गई हैं जबकि अमेठी और रायबरेली की दो सीटें कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ना तय किया गया है।


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