भारत में कब-कब हुए बड़े आतंकवादी हमले...

Last Updated: सोमवार, 19 सितम्बर 2016 (13:32 IST)
जम्मू-के उड़ी सेक्टर में सेना के कैंप पर हुए भीषण आतंकवादी हमले ने पूरे देश को दहला दिया। इस हमले में कम से कम 20 सैनिक शहीद हो गए और कई सैनिक घायल हो गए। आइए जानते हैं भारत में हुए कुछ प्रमुख आतंकवादी हमलों के बारे में....
* मुंबई सीरियल ब्लास्ट : 12 मार्च 1993 को पूरे मुंबई में सीरियल धमाके हुए। इन धमाकों के पीछे डी कंपनी का हाथ था। इस हमले में 257 लोग मारे गए थे, जबकि 713 लोग घायल हुए थे।
 
* कोयम्बटूर धमाका : 14 फरवरी 1998 में इस्लामिक ग्रुप अल उम्माह ने कोयंबटूर में 11 अलग-अलग जगहों पर 12 बम धमाके किए। इसमें 60 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 लोग घायल हुए थे। * 3 नवंबर, 1999 को  श्रीनगर के बादाम बाग में हुए आतंकवादी हमले में 10 जवान शहीद हो गए।
 
* जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हमला : 1 अक्टूबर 2001 को भवन जैश ए मोहम्मद ने 3 आत्मघाती हमलावरों ने विधानसभा भवन पर कार बम हमला किया। इसमें 38 लोग मारे गए।
 
* भारतीय संसद पर हमला : 13 दिसंबर 2001 में लश्करे तैयबा और जैश मोहम्मद के 5 आतंकवादी भारत के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले संसद भवन परिसर में घुस गए। हालांकि सुरक्षा बलों ने आतंकियों को मार गिराया और आतंकी अपने मंसूबे में नाकाम हो गए। हमले के समय संसद भवन में 100 राजनेता मौजूद थे। इस हमले में 6 पुलिसकर्मी और 3 संसद भवन कर्मी मारे गए।> > * 14 मई, 2002  को जम्मू कश्मीर के कालूचक में हुए हमले में 21 जवान शहीद गए और जबकि 36 अन्य लोगों की मौत हो गई। 


* अक्षरधाम मंदिर पर हमला : 24 सितंबर 2002 में लश्कर और जैश ए मोहम्मद के 2 आतंकी मुर्तजा हाफिज यासिन और अशरफ अली मोहम्मद फारूख दोपहर 3 बजे अक्षरधाम मंदिर में घुस गए। इनके हमले में 31 लोग मारे गए जबकि 80 लोग घायल हो गए थे।

* 22 जुलाई, 2003 को जम्मू कश्मीर के अखनूर में हुए आतंकी हमले में 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।

* दिल्ली सीरियल बम ब्लास्ट: 29 अक्टूबर 2005 में दीवाली से 2 दिन पहले आतंकियों ने 3 बम धमाके किए। 2 धमाके सरोजनी नगर और पहाड़गंज जैसे मुख्य बाजारों में हुए। तीसरा धमाका गोविंदपुरी में एक बस में हुआ। इसमें कुल 63 लोग मारे गए जबकि 210 लोग घायल हुए थे।
 
* मुंबई ट्रेन धमाका : 11 जुलाई 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में अलग-अलग 7 बम विस्फोट हुए। सभी विस्फोटक फर्स्ट क्लास कोच में बम रखे गए थे। इन धमाकों में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था। इसमें कुल 210 लोग मारे गए थे और 715 लोग जख्मी हुए थे।

* महाराष्ट्र के मालेगांव में 8 सितंबर, 2006 को हुए तीन धमाकों में 32 लोग मारे गए और सौ से अधिक घायल हुए।

* 5 अक्टूबर 2006 श्रीनगर में हुए हमले 7 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। 

* भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 19 फरवरी, 2007 को हुए धमाके में 66 यात्री मारे गए। 
 
* आंध्रप्रदेश के हैदराबाद में 25 अगस्त, 2007 को हुए धमाके में 35 मारे गए और कई अन्य लोग घायल हो गए। हैदराबाद में ही 18 मई, 2007 को मक्का मस्जिद धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई।

* उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी, 2008 को रामपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कैंप पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए।
 
* जयपुर विस्फोट : गुलाबी नगरी जयपुर में 13 मई 2008 में 15 मिनट के अंदर 9 बम धमाके हुए। इन धमाकों में कुल 63 लोग मारे गए थे जबकि 210 लोग घायल हुए थे।

* अहमदाबाद में 26 जुलाई, 2008 के दिन दो घंटे के भीतर 20 बम विस्फोट होने से 50 से अधिक लोग मारे गए। इस दौरान सूरत और बड़ौदा से भी बम बरामद हुए थे। 

* इंफाल में 21 अक्टूबर, 2008 को मणिपुर पुलिस कमांडो परिसर पर हुए हमले में 17 लोगों की मौत हो गई। 
 
* असम में धमाके : राजधानी गुवाहाटी में 30 अक्टूबर 2008 को विभिन्न जगहों पर कुल 18 धमाके आतंकियों द्वारा किए गए। इन धमाकों में कुल 81 लोग मारे गए जबकि 470 लोग घायल हुए।
* 26/11 मुंबई आतंकी हमला : 26 नवंबर, 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आत्मघाती हमलावरों ने सीरियल बम धमाकों के अलावा कई जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग की। आतंकियों ने नरीमन हाउस, होटल ताज और होटल ओबेराय को कब्जे में ले लिया था। इस हमले में करीब 180 लोग मारे गए थे और करीब 300 लोग घायल हुए थे। आतंकवादी कसाब पकड़ा गया था, जिसे मुकदमे के बाद फांसी दे दी गई।

* पुणे की जर्मन बेकरी में 10 फरवरी, 2010 को हुए बम धमाके में नौ लोग मारे गए और 45 घायल हुए।
* बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 17 अप्रैल, 2010 में हुए दो बम धमाकों में 15 लोगों की मौत हो गई। 

कुछ और आतंकवादी हमले, जिनमें आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों का खून बहाया... पढ़ें अगले पेज पर....


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :