पिता यशवंत सिन्हा के आरोप पर पुत्र जयंत ने दिया जोरदार जवाब

Last Updated: गुरुवार, 28 सितम्बर 2017 (12:35 IST)
नई दिल्ली। मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री और यशवंत सिन्हा के पुत्र जयंत सिन्हा ने की आर्थिक नीतियों का बचाव करते हुए अपने पिता के आरोप पर जवाब दिया है। जयंत के पिता यशवंत सिन्हा ने बुधवार को एक लेख में वित्त मंत्री अरुण जेटली पर आरोप लगाया था कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था का 'कबाड़ा' कर दिया है। नोटबंदी अर्थव्यवस्था के लिए आग में तेल डालने जैसी साबित हुई।
उल्लेखनीय है कि जयंत सिन्हा मोदी सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री हैं। इससे पहले वे वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। उनके पिता यशवंत सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। उनके पिता के मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही अपनी ही सरकार और पार्टी से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं।
जयंत ने पिता के इन आरोप का खंडन करते लिखा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में कई सारे लेख हालिया दिनों में लिखे गए हैं, लेकिन वे सब छोटे तथ्यों पर आधारित हैं। इसमें फंडामेंटल स्ट्रक्चरल रिफॉर्म से दूरी बनाई गई है। अर्थव्यवस्था में इससे सुधार आ रहा है। सरकार ने कई सारे ऐसे सुधार किए हैं जिसका फायदा आने वाले दिनों में लोगों को मिलेगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखे अपने लेख में नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा, जीएसटी, नोटबंदी और डिजिटल पेंमेंट को बढ़ावा देना अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में बड़ा कदम है, आने वाले दिनों में देश की आम जनता को इससे लाभ मिलेगा। जयंत सिन्हा ने लिखा है कि जो लोग लेख में अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं वो अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए उठाए गए कदमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। मोदी सरकार ने जो कदम उठाए हैं उनके दूरगामी परिणाम होंगे। सिर्फ एक या दो तिमाही के जीडीपी के आंकड़े से निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है।


जयंत सिन्हा ने अपने लेख में लिखा, 'अर्थव्यवस्था के ढांचे में बदलाव से नए भारत को बनाने की कोशिश हो रही है जिससे लोगों को अच्छी नौकरियां मिलेंगी। नई अर्थव्यवस्था पारदर्शी और दुनिया के साथ चलने वाली है। इससे देश के लोगों को अच्छी जिंदगी मिलेगी GST, नोटबंदी और डिजिटल पेमेंट भारतीय अर्थ व्यवस्था के लिए गेम चेंजर है।'
इस लेख पर चिदंबरम ने साधा निशाना : पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, 'टीओआई में जयंत सिन्हा का लेख पीआईबी की प्रेस रिलीज की तरह है। उन्हें पता होना चाहिए कि प्रशासनिक बदलाव संरचनात्मक सुधार नहीं हैं।' इसके बाद चिदंबरम ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर गिरती अर्थव्यस्था पर सवाल उठाए।

गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को इंडियन एक्सप्रेस में यशवंत सिन्हा ने ‘मुझे बोलना ही पड़ेगा’ शीर्षक लेख लिखा था। इस लेख में यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर तीखा तंज भी कसते हुए कहा कि मोदी ने तो करीब से गरीबी देखी है लेकिन लगता है कि जेटली पूरे देश को बेहद करीब से गरीबी दिखा देंगे।
लेख में उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था गर्त की ओर जा रही है। भाजपा में कई लोग ये बात जानते हैं लेकिन डर की वजह से कुछ कहेंगे नहीं। नोटबंदी और जीएसटी की आलोचना कर सिन्हा ने निशाना तो जेटली पर साधा पर उनका इशारा प्रधानमंत्री की तरफ भी रहा।

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