'शब्दनगरी' से इंटरनेट पर अपनी पहचान हिन्दी में बनाइए

हिन्‍दी एक वैज्ञानिक भाषा है, क्योंकि वर्णमाला के अक्षर स्वर-तंत्र के विशिष्ट अंगों द्वारा एक विशेष शारीरिक-प्रक्रिया के तहत उच्चारित होते हैं। भारत में 80 करोड़ लोग हिन्‍दी बोलते और समझते हैं, लेकिन फिर भी इंटरनेट पर हिन्‍दी का प्रयोग बहुत सीमित है।
हिन्दी की इसी उपेक्षा को दूर करने की एक छोटी-सी कोशिश है 'शब्दनगरी', जिसे भारत के दो प्रतिष्ठित संस्थानों आईआईटी कानपुर और आईआईटी मुंबई के प्रयासों से बनाया गया है। वैसे भी दिल से जुड़ी बातों को व्यक्त करने में हिन्दी का कोई जोड़ नहीं, फिर इंटरनेट पर भी हिन्दी का प्रयोग क्यों नहीं? तो आइए, भारत के इस पुनर्जागरण में हाथ बंटाइए और एकता के अटूट बंधन में बांधने वाली अपने देश की भाषा हिन्दी को विश्व की सर्वश्रेष्ठ भाषा बनाइए।
   
'अंग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन। पै निज भाषा–ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन।' महान लेखक एवं महाकवि भारतेंदु हरिश्चंद्र जी द्वारा रचित उक्त रचना से हिन्‍दी का महात्म्य सहज ही उजागर हो जाता है। इंटरनेट की दुनिया में, हिन्‍दी-भाषी जनमानस की कलम से उकेरी रचनाओं के इन्द्रधनुषी-रंगों को इंटरनेट के कैनवास पर उतारने एवं इंटरनेट पर हिन्‍दी में कुछ-न-कुछ नियमित रूप से लिखने का एक छोटा-सा प्रयास, हिन्दी की पहली ब्लॉगिंग एवं सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट, 'शब्दनगरी' है, जो पूर्णतः निःशुल्क सेवा है और सदैव निःशुल्क ही रहेगी।
 
वास्तव में इंटरनेट पर हिन्‍दी में आपकी मौलिक एवं सहज अभिव्यक्ति का एक बेहद सरल ऑनलाइन माध्यम है, 'शब्दनगरी' जिस पर हिन्‍दी में कोई भी अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए जितने चाहे, उतने ब्लॉग/ वेबसाइट (या 'आयाम') बना सकता है। साथ ही चित्रों एवं चलचित्रों के माध्यम से भी अपनी भावनाएं जाहिर कर सकता है। 
 
सबसे अच्छी बात यह भी है कि 'शब्दनगरी' के किसी भी लेखक, उनके द्वारा लिखे एवं बनाए लेख या आयाम से भी जुड़कर कोई भी अपनी प्रतिभा को तराशकर इंटरनेट पर हिन्‍दी में भी अपनी पहचान स्वतः ही बना सकता है। 'शब्दनगरी' पर अपना अकाउंट बनाना अत्यंत आसान है, क्योंकि इसीलिए 'शब्दनगरी' टीम ने पाठकों का ध्यान रखते हुए उपभोक्ता-इंटरफ़ेस को अत्यंत सरल रखा है, ताकि आपको कोई असुविधा न हो। अच्छी बात यह भी है कि 'शब्दनगरी' वेबसाइट एवं मोबाइल-एप पर आप हिन्दी ही नही बल्कि अंग्रेज़ी कीबोर्ड द्वारा भी हिन्दी में आसानी से लिख सकते हैं। 
 
असल में इस मंच पर हिन्‍दी में रुचि रखने वाले दर्शक पढ़ने और लिखने की उत्कृष्ट सेवाओं से लाभान्वित हो सकते हैं। यही कारण है कि हिन्‍दी में अभिरुचि रखने वाले तथा हर क्षेत्र से जुड़े नए-नए साथी हर दिन 'शब्दनगरी' से जुड़ रहे हैं। वहीं स्थापित लेखकों के साथ ही साथ युवा लेखकों के भी हमें निरंतर लेख प्राप्त हो रहे हैं, जिनका 'शब्दनगरी' के निःशुल्क हिन्‍दी-ऑनलाइन-मंच पर हार्दिक स्वागत है। 
 
इस परिप्रेक्ष्य में, उल्लेखनीय है कि विगत 10-12 सितम्बर, 2015 को भोपाल में हुए 'विश्व हिन्‍दी सम्मलेन' में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के साथ ही राजनीतिक तथा साहित्य जगत की नामी-गिरामी शख्सियतों जैसे विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह, केसरीनाथ त्रिपाठी, राजीव शुक्ला, हर्षवर्धन, अशोक चक्रधर इत्यादि गणमान्य लोगों ने भी 'शब्दनगरी' के डिजिटल नवोन्मेषी अवधारणा को बेहद सराहते हुए इसे इंटरनेट पर हिन्‍दी के प्रचार-प्रसार का सराहनीय प्रयास एवं मील का पत्थर करार दिया।


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