कुदरत का कहर : आसमान से आई आफत में डूबती जिंदगियां, केरल में 29 लोगों की मौत और 54,000 से ज्यादा लोग बेघर

Last Updated: शुक्रवार, 10 अगस्त 2018 (22:21 IST)
तिरुवनंतपुरम/ नई दिल्ली। देश के अधिकांश हिस्सों में आसमानी बारिश से कोहराम मचा हुआ है। बारिश की वजह से सबसे ज्यादा हालात के खराब है, जहां आधे से ज्यादा हिस्से में भीषण बाढ़ के कारण बांध, जलाशय और नदियां लबालब भरी हुई हैं। कई जगहों पर राजमार्ग ध्वस्त हो गए हैं। अनेक घर पानी में बह गए हैं। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण करीब 54,000 लोग बेघर हो गए हैं और कम से कम 29 लोगों की मौत हुई है।

बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित राज्य के कुल 14 जिलों में से 7 उत्तरी जिलों में थलसेना की 5 टुकड़ियां तैनात की गई हैं ताकि लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने और अस्थायी पुलों के निर्माण में मदद मिले। पेरियार नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद भारतीय नौसेना की दक्षिणी कमान को अलर्ट पर रखा गया है। आशंका है कि कोच्चि स्थित वेलिंगडन द्वीप के कुछ हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य की लगभग सभी 40 नदियां उफान पर हैं।
में भी आफत : हिमाचल प्रदेश में सामान्य से कम औसत बारिश के बाद भी मुसीबतें बनी हुई हैं। बारिश के कारण पहाड़ टूट रहे हैं। यहां पर से बरसी आफत से नदियां उफान पर हैं। शिमला के 2 युवक नदी में बह गए। 10 अगस्त को रामपुर में उनकी कार नदी के तेज बहाव में बह गई थी। 9 अगस्त को हिमाचल के बिलासपुर में अचानक कई सौ टन मलबा गिरा और किस्मत के धनी एक स्कूटर सवार की पलभर में जान बच गई।
उत्तर काशी में फंसे 500 कावड़ यात्री मानव पुल से बचे : उत्तर काशी में बादल फटने से नदियां उफान पर हैं। यहां पर एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला और मानव पुल बनाया। रस्सियों को पकड़कर जवान खड़े रहे और गौमुख से गंगा जल लेकर आ रहे 500 कावड़ यात्रियों को सुरक्षित नदी पार करवाया।
महाकाल की नगरी में भी पानी-पानी : बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी 10 अगस्त को तेज बारिश के कारण सड़कों पर लबालब पानी भर गया। मोटरसाइकलों के आधे पहिए पानी में डूबे रहे। महाकाल मंदिर से पानी को निकालने का काम लगातार जारी है। पानी की निकासी ठीक नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश के कारण उज्जैन के कई घरों के भीतर तक पानी पहुंच गया है।
बारिश के कारण कुल 29 लोगों की मौत : बीते 8 अगस्त से ही हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण उत्तरी एवं मध्य केरल अत्यधिक प्रभावित हैं। बारिश के कारण कुल 29 लोगों की मौत हुई है जिनमें 3 की मौत शुक्रवार को हुई। इनमें से 25 की मौत भूस्खलन में हुई तथा 4 की मौत डूबने से हुई। केरल के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 439 राहत शिविरों में कुल 53,501 लोगों को रखा गया है।
थलसेना के जवान बना रहे हैं छोटे-छोटे पुल : कई जगहों पर सड़कें धंस जाने के कारण पर्यटकों को पर्वतीय इडुक्की जिले में दाखिल होने से रोका गया। कोझीकोड और वायनाड में विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए थलसेना के जवान छोटे-छोटे पुल बना रहे हैं। इडुक्की जलाशय से और ज्यादा पानी जारी होने की संभावना के मद्देनजर इडुक्की और इससे सटे जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया।
केरल के पर्यटन मंत्री के. सुरेंद्रन ने बताया कि 24 विदेशियों सहित कम से कम 50 पर्यटक बुधवार से ही मन्नार के प्लम जूडी रिजॉर्ट में फंसे हुए थे और उन्हें वहां से निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। कोच्चि में पेरियार नदी और इडुक्की में चेरुथोनी नदी की नीचे की धारा की तरफ की जगहों पर रहने वाले लोगों को तटों के जलमग्न होने की चेतावनी दी गई है।

राज्य के 58 बांधों में से 24 के जलाशयों की अधिकतम भंडारण क्षमता पार हो गई है जिसके कारण अधिकारियों को स्लुइस गेट खोलकर पानी छोड़ना पड़ा। करीब 26 साल के बाद कल गुरुवार को एक शटर खोला गया। आज सुबह केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने थलसेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल और एनडीआरएफ की ओर से चलाए जा रहे बाढ़ राहत कार्यों और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इडुक्की बांध में जलस्तर बढ़ने के कारण अभी छोड़े जा रहे पानी की तुलना में 3 गुना ज्यादा पानी छोड़ना जरूरी हो गया है। इससे पेरियार नदी और इसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ेगा। लोगों को चौकस रहना चाहिए। विजयन ने 12 अगस्त तक के अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है और राज्य की राजधानी से वे हालात पर नजर रखे हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री केजे अल्फॉंन्स ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार सुबह गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ केरल में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। राजनाथ ने विजयन से भी बात की और वे रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। अल्फॉंन्स ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार सशस्त्र बलों, आपदा प्रबंधन टीम की सेवाएं मुहैया करा रही है और अन्य जरूरी सहायता भी प्रदान कर रही है।
इस बीच केरल के राजस्व मंत्री ई. चंद्रशेखरन ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और कहा कि कोच्चि हवाई अड्डे के पास एहतियाती कदम उठाए जाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल गुरुवार को मुख्यमंत्री विजयन से बात की थी और प्रभावितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया था।


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