aaj ka sher urdu sahitya | दुनिया की आदत है
दुनिया की आदत है इसमें हैरत क्या,
काँच के घर पर पत्थर मारा जाता है - आलम ख़ुर्शीद
काँच के घर पर पत्थर मारा जाता है - आलम ख़ुर्शीद

