मुख्य पृष्ठ >  विविध > वेबदुनिया विशेष 08 > गणतंत्र दिवस
आज भी मूलभूत सुविधा की दरकार ND
इस गणतंत्र में कहाँ हैं बच्चे?

देश के छः करोड़ बच्चे काम करते हैं और साढ़े छः करोड़ वयस्क बेरोजगार हैं। इनमें ज्यादातर इन कामकाजी बच्चों के निठल्ले अभिभावक हैं। इन बच्चों को मजदूरी कम मिलती है। सो परिवार की आमदनी कम हो जाती है। यही काम वयस्क इंसान करे तो परिवार की हालत सुधर सकती है और बच्चों का भविष्य भी। भारत के 58 साल गणतंत्र की अनेक उपलब्धियों पर हम फक्र कर सकते हैं। लोकतंत्र में हमारी चरित्रगत आस्था का इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है कि दुनिया के सबसे बड़े और जटिल समाज ने सफलतापूर्वक 14 राष्ट्रीय चुनाव संपन्‍न किए। सरकारों को बनाया और बदला। विशाल और सशक्त सेना जनप्रतिनिधियों के आदेश पर चलने

आगे पढें...  
वेबदुनिया में और भी
ND ND
 
गणतंत्र दिवस बनाम एक और छुट्टी
करीब दो साल पहले एक शॉर्ट फिल्‍म अगल-अलग चैनलों पर दिखाई जाती थी। फिल्‍म में किसी महानगर की एक सड़क है, जिसके इर्द-गिर्द फुटपाथ पर गोलगप्‍पे, अखबार वाले सभी जमे हुए हैं। स्‍कूल से माँ के साथ लौटती बच्‍ची गोल-गप्‍पे खाने के लिए मचल उठती है। इसी बीच हल्‍की-सी आँधी उठती है। अखबार वाला अपना अखबार समेटने के लिए दौड़ता है। फुटपाथ पर बैठे घड़ी वाले के सिर पर पानी की कुछ बूँदें पड़ती हैं। वह भी अपना सामान समेटने लगता है
कैप्‍टन हर्षन: वतन की राह पर कुर्बान
असंतोष की लहर ले सकती है विस्फोट का रूप
लक्ष्य प्राप्ति हेतु स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना जरूरी : डॉ. प्रसाद
अशोक चक्र, शांति काल का परमवीर चक्र
निगेहबान हैं आँखें
रघुरमन! तुम्‍हें शत् शत् नमन्
गणतंत्र दिवस की फोटोगैलरी
विविध
नारी की निर्णय क्षमता पुरुष से कम नहीं, पर...!
हमारी सभ्यता का आईना हैं हमारे शहर
फिल्म में 'वंदे मातरम्‌'
संविधान की आबरू नागरिकों के हाथ
बुनियादी अधिकारों से जुड़ी नागरिक आजादी
मैं भी बेटी को जन्म देना नहीं चाहती
मौलिक अधिकार और कानून का इंसाफ
मौसम कहर न ढा जाए कहीं
संविधान की खास बातें
नागरिक होने का अर्थ
22 बहादुर बच्‍चे...
और भी
पिछले सन्दर्भ
25
Jan