देश के छः करोड़ बच्चे काम करते हैं और साढ़े छः करोड़ वयस्क बेरोजगार हैं। इनमें ज्यादातर इन कामकाजी बच्चों के निठल्ले अभिभावक हैं। इन बच्चों को मजदूरी कम मिलती है। सो परिवार की आमदनी कम हो जाती है। यही काम वयस्क इंसान करे तो परिवार की हालत सुधर सकती है और बच्चों का भविष्य भी। भारत के 58 साल गणतंत्र की अनेक उपलब्धियों पर हम फक्र कर सकते हैं। लोकतंत्र में हमारी चरित्रगत आस्था का इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है कि दुनिया के सबसे बड़े और जटिल समाज ने सफलतापूर्वक 14 राष्ट्रीय चुनाव संपन्न किए। सरकारों को बनाया और बदला। विशाल और सशक्त सेना जनप्रतिनिधियों के आदेश पर चलने |