मुख पृष्ठ >  विविध > वेबदुनिया विशेष 08 > रक्षाबंधन
रेशम की डोरी से संसार बाँधा है WD
रेशम की डोरी से संसार बाँधा है

भारत में यदि आज भी संवेदना, अनुभूति, आत्मीयता, आस्था और अनुराग बरकरार है तो इसकी पृष्ठभूमि में इन त्योहारों का बहुत बड़ा योगदान है। जो लंबी डगर पर चिलचिलाती प्रचंड धूप में हरे-भरे वृक्ष के समान खड़े हैं। जिसकी घनी छाँव में कुछ लम्हें बैठकर व्यक्ति संघर्ष पथ पर उभर आए स्वेद बिंदुओं को सुखा सके और फिर एक शुभ मुस्कान को चेहरे पर सजाकर चल पड़े जिंदगी की कठिन राहों पर, जूझने के लिए। रक्षाबंधन के शुभ पर्व पर बहनें अपने भाई से यह वचन चाहती हैं कि आने वाले‍ दिनों में किसी बहन के तन से वस्त्र न खींचा जाए फिर कोई बहन दहेज के लिए जिंदा न जलाई जाए, फिर किसी बहन का अपहरण ना हो...

आगे पढें...  
रक्षाबंधन
ND
 
भैया मेरे रा‍खी के बंधन को निभाना...
'भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना.... ! इस गीत को जब आप गुनगुनाते हैं तब दिल में एक अजीब-सी हलचल पैदा होती है। दिल कुछ अलग ही गुनगुनाने लगता है। लेकिन आज के युग में हर त्योहार का महत्व कुछ कम हो गया है। त्योहार मनते तो सभी हैं परंतु उसमें दिखावटीपन काफी हद तक बढ़ चुका है। फैशन के इस बढ़ते युग में त्योहार की कुछ खास कडि़याँ पीछे छूट जाती है....
आया राखी का मौसम
रक्षाबंधन से है बंधी आस....
भाई-बहन के प्यार का पर्व
जानिए कितने अच्‍छे भाई है आप
जानिए कितनी अच्‍छी बहन हैं आप
सिर्फ धागे का रिश्ता नहीं है राखी
रक्षाबंधन की फोटोगैलरी
विविध
मजबूत डोर
मेरी वे पत्र-बहनें
प्रीत का चंदन
वो बचपन के दिन
वह दिन कब आएगा...
अकेले हैं तो क्या गम है
'बात कुछ और ही है राखी की'
अनमोल उपहार राखी का
भाई की सूनी कलाई
कलाई पर सजा रेशमी दुलार
राखी यादों के झरोखों से
और भी
पिछले सन्दर्भ
14
Aug
12
Aug
11
Aug