रेगुलर सेक्स : पत्नी के साथ सेक्स लाइफ से बोर हो चुके पति बाहर स्पाइस ढूँढ़ने के चक्कर में भटकने लगते हैं। शादी के कुछ वर्षों बाद हर जोड़े की सेक्स लाइफ में मंदी आती है। पर इसका मतलब यह नहीं कि पत्नी के साथ सेक्स आपकी लिस्ट से आउट हो जाए। सेक्सोलॉजिस्टों का मानना है कि खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के लिए पति-पत्नी सप्ताह में कम से कम तीन बार सेक्स का आनंद जरूर लें।
गप्पें मारें : अफेयर प्रूफ शादी का मूलमंत्र है। 'पति-पत्नी का आपस में दोस्ताना व्यवहार।' अक्सर पति ऑफिस से घर आकर टीवी के आगे और पत्नी किचन में व्यस्त हो जाती है। बीच की खामोशी कब तूफान बन जाए कहा नहीं जा सकता। इसलिए दोनों गप्पें मारने के लिए समय जरूर निकालें। यदि बच्चे हैं तो उनके सोने के बाद बातें करें। दोनों ने दिनभर क्या-क्या किया, शेयर करें। भविष्य के सुनहरे सपने साथ बुनें। इन बातों से आपके बीच का बंधन अटूट होता जाएगा। जिस संबंध में भावनाओं का निवेश हो वहाँ बेवफाई करना मुश्किल होता है।
कॉमन इंटरेस्ट शेयर करें - पत्नी के साथ कॉमन इंटरेस्ट न होना मि. हसबैंड के भटकने का अच्छा और सॉलिड कारण है। शौक मेल नहीं खाते तो ऐसे शौक पैदा करें जिनमें पत्नी की भी रुचि हो। कॉमन एक्टिविटी ढूँढें जिसमें दोनों की दिलचस्पी हो। मेरी एक फ्रेंड को ब्लॉगिंग पसंद है। उसके हसबैंड भी साथ में ब्लॉग लिखते हैं। बच्चों के सो जाने के बाद दोनों बिस्तर पर लैपटॉप लेकर बैठ जाते हैं और ब्लॉग लिखते हैं। पति के साथ गुजारे ये लम्हें उसे अगले दिन एनर्जेटिक बनाए रखते हैं।
रिश्ते के प्रति सम्मान व समर्पण हो - अग्नि के चारों ओर फेरे लिए हों या निकाल कबूल किया हो या फिर 'आई डू' कहा हो यानी शादी किसी भी प्रथा से हुई हो पति-पत्नी की आपसी भावनाएँ, अपेक्षाएँ समान होती हैं। इसलिए शादी के समय खाई गई कसमों का सम्मान करते हुए वैवाहिक जीवन के प्रति पूर्णरूपेण समर्पित रहें। पर इन वादों को निभाने के चक्कर में शादी को भार न बनाएँ।
लक्ष्मण रेखा खींचें - अधिकतर हसबैंड सोचते हैं कि वे किसी भी प्रकार के हालातों का सामना करने में सक्षम हैं। उन्हें लगता है कि जिंदगी जीने के अंदाज को लक्ष्मण रेखा में बाँधने पर वह नीरस और बेजान हो जाऐगी। वे अपने खिलंदड़ स्वभाव को बेलगाम बेकाबू रख इधर-उधर फ्लर्ट करते रहते हैं। पर कई बार यह खेल गंभीर रूप ले लेता है और लड़की गले पड़ जाती है तब बदनामी के साथ ही इन्हें पत्नी के कोप का भाजन भी बनना पड़ता है। इसलिए जीवन को सीमा रेखाओं के साथ जीएँ, भले ही साथी आपको शर्मीला या जोरू का गुलाम कहे। पर याद है ना? आपको हर हाल में अपनी शादी अफेयर प्रूफ रखनी ही है।
अपनी कमजोरियों को पहचानें : कहीं आपकी पर्सनॉलिटी में कोई ऐसी बात तो नहीं जो विपरीत सेक्स को बेवजह आकर्षित करती हो? जैसे आप अच्छे श्रोता हैं और अपनी महिला सहकर्मी की हर बात ध्यान से सुनते हैं पर वो इस अटेंशन को कुछ और ही समझ रही हों...।
लालच से बचें : लालच का मतलब दूसरी स्त्री से बात करना, उसके साथ घूमना या अन्य किसी भी तरह का आकर्षण है। इन सबसे दूर रहें हर किसी महिला से पर्सनल लाइफ शेयर न करें। एक दूसरे की पर्सनल बातें जानने से आप ज्यादा करीब महसूस करते हैं और अफेयर के चांस बढ़ जाते हैं।
3. कारण जो बताते हैं कि आपने सीमा रेखा लाँघ ली है - भावनात्मक अंतरंगता - कहीं पत्नी से ज्यादा भावनात्मक अंतरंगता गर्लफ्रेंड के साथ तो नहीं?
सेक्सुअल टेंशन - जब गर्लफ्रेंड के सान्निध्य में सेक्सुअल टेंशन होने लगे।
रहस्यात्मक रवैया - क्या पत्नी के आते ही आप ईमेल आईडी बंद कर देते हैं? क्या पत्नी को दिनभर की बातें बताते समय आप गर्लफ्रेंड के साथ बिताये लम्हें शेयर करने से घबराने लगते हैं? समझें दाल में काला होने लगा है। ऐसे में उस महिला के साथ अपने संबंधों का मूल्यांकन करें।
निष्कर्ष : अपनी पत्नी से चीटिंग करना नामुमकिन है देर सवेर आप पकड़े ही जाएँगे। इसलिए वफादार बने रहें। जब आप बेवफा हो जाते हैं तो शुरू हो जाता है, पत्नी से झूठ बोलना, फोन कॉल्स छिपाना, घर देर से आना, भूख नहीं होने का बहाना बनाना वगैरह-वगैरह। कुछ क्षणों के आनंद के लिए बने रिश्ते को छुपाने के लिए आप मेहनत मशक्कत करते हैं। हर पल इसी बात का खतरा रहता है कि कहीं पत्नी को पता न चल जाए?
फिर बच्चों का, परिवार के सदस्यों का सामना कैसे करेंगे? यदि आप अपनी पत्नी और बच्चों को मझधार में छोड़कर खुश हैं तो यह भी जान लें कि जिस स्त्री के लिए आपने इतनी जलालत मोल ली, क्या गारंटी है कि वो आने वाले जीवन में आपका साथ छोड़कर नहीं जाएगी? फिर तो शायद आपकी स्थिति न घर की रहेगी न घाट की। तो क्यों न पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपनी शादीशुदा जिंदगी को बनाएँ अफेयर प्रूफ?