गिलोय : सिर्फ स्वाइन फ्लू नहीं कई रोगों का रामबाण इलाज

इन दिनों जब से स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है लोग आयुर्वेद की शरण में जा रहे हैं। इलाज के रूप में गिलोय का नाम खासा चर्चा में है। गिलोय या ...

Widgets Magazine

आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि

भारतीय पौराणिक दृष्टि से धनतेरस को स्वास्थ्य के देवता का दिवस माना जाता है। भगवान धन्वंतरि आरोग्य, सेहत, आयु और तेज के आराध्य देवता हैं। भगवान ...

आयुर्वेद बचाए बाईपास सर्जरी से

भारत में शल्य चिकित्सा (सर्जरी) का चरम विकास आज से लगभग 5 हजार वर्ष पुर्व सुश्रुत काल में मिलता है। काशी के राजा दिवोदास जिन्हें धन्वन्तरी भी ...

आयुर्वेद हमेशा आगे रहेगा

भारत में आयुर्वेद की प्राचीन यशस्वी परंपरा रही हैं। भारत की कई बड़ी कंपनियाँ इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहीं हैं। इस श्रृंखला में वैद्यनाथ और डाबर ...

अशोक एवं अशोकारिष्ट

असली अशोक के वृक्ष को लैटिन भाषा में 'जोनेसिया अशोका' कहते हैं। यह आम के पेड़ जैसा छायादार वृक्ष होता है। इसके पत्ते 8-9 इंच लम्बे और दो-ढाई इंच ...

सिर दर्द की आयुर्वेदिक चिकित्सा

सिर दर्द व नारी रोगों से पीड़ित महिलाएँ दोनों वक्त भोजन के बाद आधा कप पानी में टॉनिक एफ-22 या सुंदरी संजीवनी डालकर पिएँ। सुबह-शाम दूध के साथ दो ...

गर्मियों में सेहत और आयुर्वेद

ग्रीष्म ऋतु में दाडिमावलेह का सेवन हर व्यक्ति के लिए अमृततुल्य है अर्थात दाडिमावलेह में रोगशमन की विशिष्ट ताकत है। दाडिम शरीर की गर्मी व खून की ...

दुबलापन : कारण व उपचार

आयुर्वेद के अनुसार अत्यंत मोटे तथा अत्यंत दुबले शरीर वाले व्यक्तियों को निंदित व्यक्तियों की श्रेणी में माना गया है। वस्तुतः कृशता या दुबलापन एक ...

सर्दियों में स्वस्थ रखे आयुर्वेद

जाड़ों में रात बड़ी होने से सुबह जल्दी ही भूख लग जाती है। सुबह का नाश्ता तंदुरुस्ती के लिए ज्यादा फायदेमंद है। नाश्ते में हलुआ, शुद्ध घी से बनी ...

उपवास : सर्वश्रेष्ठ औषधि

आयुर्वेद में बीमारी को दूर करने के लिए शरीर के विषैले तत्वों को दूर करने की बात कही जाती है और उपवास करने से इन्हें शरीर से निकाला जा सकता है। ...

वसंत ऋतु में न खाएँ दही

दही का शरीर को पोषण करने के साथ-साथ औषधीय प्रयोग भी है। दही के गुणकर्मों के अनुसार आयुर्वेद में दही सेवन के तरीके एवं उसका किन व्यक्ति/ रोगी को ...

आयुर्वेद अनुसार भोजन के तीन प्रकार

हर व्यक्ति का खान-पान उसके संस्कार और संस्कृति के अनुसार होता है। खान-पान में युगों से जो पदार्थ प्रयोग किए जाते रहे हैं, आज भी उन्हीं पदार्थों ...

गुणकारी रतिवल्लभ पाक व चूर्ण

आयुर्वेद में एक से बढ़ कर एक उत्तम गुणकारी योग मौजूद हैं, जिनका सेवन शीतकाल के दिनों में करके शरीर को पुष्ट, सबल और चुस्त-दुरुस्त रखा जा सकता है, ...

मन्थन रस

ऐसे योगों से परिचित कराना भी है, जिनको जरूरत पड़ने पर वे स्वविवेक से सेवन कर लाभ प्राप्त कर सकें। इस क्रम में एक अत्यन्त गुणकारी, असरकारी और ...

वटी व गोलियाँ

बच्चों के दांत निकलने के समय हरे, पीले दस्त होने, दूध गिरने, ज्यादा रोने-चिल्लाने, पेट में दर्द, अपच, ज्वर आदि की शिकायतों पर लाभकारी। मात्रा ...

आसव-अरिष्ट

स्त्रियों के सब प्रकार के रोग, प्रदर, (लाल, पीला, सफेद पानी), मासिक धर्म के विकार, सिर पेडू व कमर वगैरह के दर्द, पित्त दाह (हाथ व पाँव के तलवों ...

रस-रसायन, वटी व गोलियाँ

अगस्ति सूतराज रस : संग्रहणी अतिसार, आमांश शूल व मंदाग्नि में। मात्रा 1 रत्ती प्रातः व सायं भुना जीरा, मठा या शहद में। अग्नि तुंडी वटी : ...

मधुमेह : चिकित्सा और परहेज

मधुमेह सारे विश्व में और हमारे देश में भी तेजी से बढ़ रही एक व्याधि है। मधुमेह यानी डायबिटीज। यह सब आधुनिक खान-पान, प्रदूषित वातावरण, रहन-सहन आदि ...

सिर दर्द

इसका दर्द वही जानता है, जिसे सिर दर्द होता है। सिर दर्द का सीधा प्रभाव दिमाग पर पड़ता है, क्योंकि दिमाग सिर में ही स्थित होता है, इसलिए जब सिर ...

Widgets Magazine

Widgets Magazine

जरुर पढ़ें

वज्रासन से शरीर बनेगा सुडौल, देखें वीडियो

वज्र का अर्थ होता है कठोर और दूसरा यह कि इंद्र के एक शस्त्र का नाम वज्र था। इससे पैरों की जांघें ...

जब ऑडियो कैसेट में धड़कते थे दिल...

इंटरनेट के दौर में कई पुरानी तकनीक बाज़ार से बाहर हो गई, उनके स्थान पर नई तकनीक तो आ गई लेकिन कुछ ...

हिन्दी कविता : एक सवाल?

सांस लेना, प्रार्थना करना। बोलना, खाना-पीना। उठना-बैठना, हंसना-रोना, नाचना-गाना

Widgets Magazine