जीतू पटवारी की 'नर्मदा' पर टिप्पणी से भाजपा नाराज

पुनः संशोधित सोमवार, 27 फ़रवरी 2017 (19:36 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की नर्मदा नदी को लेकर की गई एक टिप्पणी पर सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी विधायकों ने गंभीर आपत्ति जताई। इस टिप्पणी को कार्यवाही से विलोपित कर दिया गया।
राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पटवारी ने यह टिप्पणी की। वे नर्मदा नदी में अवैध खनन को लेकर सरकार पर आरोप लगा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक टिप्पणी की। इसे लेकर भाजपा के कई विधायक अपने स्थान पर खड़े होकर उनका विरोध करने लगे।
 
उनका कहना था कि पटवारी ने नर्मदा मैया को लेकर आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए हैं। इस पर उन्हें गंभीर आपत्ति है। इस पर आसंदी पर विराजमान उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि वह टिप्पणी विलोपित कर दी गई है। इसके बाद मामला शांत हुआ।
 
पटवारी ने अभिभाषण पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए प्रदेश में व्यापमं घोटाले, किसान आत्महत्या, बलात्कार, नोटबंदी, अवैध खनन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों को आलू, टमाटर फेंकने पड़े। व्यापमं मामले में 634 छात्रों का दाखिला निरस्त हो गया, उसका अभिभाषण में कोई जिक्र नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश किस मामले में देश में नंबर वन है इसका उल्लेख है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि कुपोषण, शिशु एवं मातृ मृत्युदर, महिला अत्याचार आदि में भी प्रदेश नंबर 1 है और भ्रष्टाचार में नंबर 2 है।
 
कांग्रेस विधायक ने कटनी हवाला कांड का उल्लेख भी किया। नर्मदा खनन के बारे में पटवारी ने कहा कि उन्होंने खनन करने वालों की एक सूची जारी की है, यदि वे गलत है तो उन पर मानहानि का दावा करें। वे जब अपनी बात कह रहे थे तब भाजपा के विधायकों से कई बार उनकी नोकझोंक हुई।
 
नोटबंदी के उल्लेख के दौरान भाजपा विधायकों ने कहा कि महाराष्ट्र के चुनावों में क्या हुआ। भाजपा के वैलसिंह भूरिया ने टिप्पणी कर दी कि पटवारी अगला चुनाव नहीं जीत पाएंगे। इस पर पटवारी ने पलटकर जवाब दिया कि वे तो जीत कर आएंगे, लेकिन आप नहीं जीत पाएंगे।
 
इससे पहले कांग्रेस के कमलेश्वर पटेल ने सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असत्य बोल रही है। इस बार के अभिभाषण में पिछले बार के अभिभाषण की बातें दोहराई गई हैं। 
 
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण अमीरों ने गरीबों के खातों में पैसा जमा करवाया। कटनी में घोटाला हो गया और सरकार को पता नहीं चला। उन्होंने बिजली कटौती होने की बात भी कही।
 
भाजपा के पुष्पेन्द्र नाथ पाठक ने राज्यपाल के अभिभाषण के पक्ष में बोलते हुए सरकार की सराहना की। उन्होंने 'मिल बांचें' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जनप्रतिनिधियों को एक अच्छा मौका मिला। 
 
भाजपा के ही मुरलीधर पाटीदार ने सरकार द्वारा निकाली जा रही नर्मदा सेवा यात्रा की तारीफ करते हुए सभी सदस्यों से आग्रह किया कि उन्हें भी इसमें भाग लेना चाहिए। पाटीदार की बात पूरी होते ही डॉ. सिंह ने भोजनावकाश की घोषणा कर दी।
 
कोहली ने 21 फरवरी को बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में अभिभाषण दिया था। भाजपा की उषा ठाकुर ने उस पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पेश किया था। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 23, 27 एवं 28 फरवरी और 2 मार्च की तारीख निर्धारित की थीं। (वार्ता)

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