देवास जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित, बोरिंग पर लगा प्रतिबंध

देवास| पुनः संशोधित शनिवार, 7 अक्टूबर 2017 (14:35 IST)
देवास। कलेक्टर आशीष सिंह ने जिले को घोषित किया है। जिले में औसत वर्षा की तुलना में 26.30 प्रतिशत वर्ष कम होने से भू-जल स्तर में आवश्यक बढ़ोतरी नहीं हुई। पेयजल संकट उत्पन्न होने की आशंका में संपूर्ण जिले में नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
कार्यपालन यंत्री पी.एच.ई. एसएन राजू ने बताया है कि उक्त प्रतिबंध मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के अन्तर्गत लगाया गया है। प्रतिबंध के अनुसार पेयजल हेतु आवश्यकता पड़ने पर ही नलकूप खनन की अनुमति दी जा सकेगी।

साथ ही जिले में अशासकीय एवं निजी नलकूप खनन पर भी प्रतिबंध लगाते हुए जिले की सीमा क्षेत्र में नलकूप या बोरिंग मशीन (सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को छोड़कर) संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अनुमति के बिना न तो प्रवेश करेंगी और न ही खनन करेंगी।
राजू ने बताया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष के कारावास या 2 हजार रुपए का जुर्माना या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है। उक्त आदेश 31 जुलाई 2018 तक प्रभावशील रहेगा।

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