हेरिटेज की कहानी, लेडी गाइड की जुबानी

एमपी टूरिज्म की नई कवायद

ND|
ND

के किले की खूबसूरती की कहानी आने वाले समय मे की जुबानी सुनने मिलेगी। बढ़ाने के लिए यह पहल कर चुकी है। इसकी शुरुआत कान्हा टाइगर रिजर्व से हो गई है। अब इसे ग्वालियर समेत प्रदेश भर में शुरू किया जाएगा। इससे महिलाओं को रोजगार के नए अवसर तो मिलेंगे ही। साथ ही पर्यटकों को भी यह अनुभव रोचक लगेगा।

वैसे तो मप्र में पुरुष गाइडों की नियुक्ति मप्र पर्यटन विकास निगम द्वारा कुछ महीनों पहले ही की गई है। इस कवायद के तहत लगभग 30 गाइडों को आईआईटीटीएम में प्रशिक्षित किया गया था। यदि भोपाल से ऐसे दिशा-निर्देश हैं तो उन्हें शहर में भी लागू किया जाएगा।

वैश्वीकरण के इस दौर में आज महिलाएं आसमां की बुलंदियों को छू रही हैं। अपने सपनों को साकार करने के लिए वे हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं, जिसमें उन्हें काफी हद तक सफलता भी मिली है। राजनीति के दांव-पेच हों या फिर व्यापार जगत, सेना में कमान संभालने की बारी हो या फिर प्रशासनिक पद को पाना। समय बदलने के साथ महिलाओं को भी सामाजिक और राजनीतिक तौर पर बराबरी का अधिकार मिल रहा है।
ND
अब मप्र के पर्यटन स्थलों पर महिला गाइडों की आज महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। यह बहुत अच्छा प्रयास है शासन का। इससे पर्यटन स्थलों की वास्तुकला व इतिहास समझाने में महिलाओं की भूमिका होगी। महिला गाइडों की नियुक्ति होने से उन्हें रोजगार भी मिलेगा।
मप्र पर्यटन निगम के क्षेत्रीय महाप्रबंधक के अनुसार महिला गाइडों के लिए 'प्रियदर्शिनी' स्कीम बनाई गई थी। जिसके माध्यम से पर्यटन स्थलों पर महिला गाइडों को नियुक्त करना था। अन्य राज्यों में यह योजना संचालित है। मप्र में भी इसका बेहतर क्रियान्वयन होगा।

इस संबंध में छात्रा माधवी के अनुसार आज महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। यह बहुत अच्छा प्रयास है शासन का। इससे पर्यटन स्थलों की वास्तुकला व इतिहास समझाने में महिलाओं की भूमिका होगी। महिला गाइडों की नियुक्ति होने से उन्हें रोजगार भी मिलेगा।
छात्रा लुबना के अनुसार कुछ समय पहले तक जो महिलाएं अकेले घर की दहलीज से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं रखती थीं, आज चाहे पेट्रोप पंप हो या फिर आर्मी का क्षेत्र, महिलाओं ने हर जगह कार्य कर अपने आपको साबित किया है कि हम किसी से कम नहीं। पर्यटन क्षेत्र में महिला गाइडों की नियुक्ति होना निश्चित ही रोचक अनुभव होगा।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine



और भी पढ़ें :