• Webdunia Deals
  1. खेल-संसार
  2. क्रिकेट
  3. समाचार
  4. Indian Umpire Nitin Menon joins the ICC Elite Panel
Written By
Last Updated : सोमवार, 29 जून 2020 (16:53 IST)

भारतीय अंपायर नितिन मेनन ICC के एलीट पैनल में शामिल

भारतीय अंपायर नितिन मेनन ICC के एलीट पैनल में शामिल - Indian Umpire Nitin Menon joins the ICC Elite Panel
दुबई। भारत के युवा अंपायर नितिन मेनन को इंग्लैंड के नाइजेल लोंग की जगह 2020-21 सत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अंपायरों की एलीट पैनल में शामिल किया गया। 36 साल के मेनन को तीन टेस्ट, 24 एकदिवसीय और 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय में अंपायरिंग का अनुभव है। वह इस सूची में जगह बनाने वाले पूर्व कप्तान श्रीनिवास वेंकटराघवन और सुंदरम रवि के बाद तीसरे भारतीय है। रवि को पिछले साल इससे बाहर कर दिया गया था। 
 
आईसीसी से जारी बयान में मेनन ने कहा, ‘एलीट पैनल में नाम होना मेरे लिए बहुत सम्मान और गर्व की बात है। दुनिया के प्रमुख अंपायरों और रेफरियों के साथ-साथ नियमित रूप से काम करने का मेरा हमेशा से सपना रहा है।’ मेनन ने 22 साल की उम्र में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना छोड़ दिया था और 23 साल की उम्र में वह सीनियर अंपायर के तौर पर बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त मैचों में अंपायरिंग करने लगे थे। 
 
आईसीसी के महाप्रबंधक (क्रिकेट) ज्योफ अलार्डिस (अध्यक्ष), पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर संजय मांजरेकर और मैच रेफरियों रंजन मदुगले एवं डेविड बून की चयन समिति ने मेनन का चुनाव किया। मेनन इससे पहले अंपायरों के अमीरात आईसीसी अंतरराष्ट्रीय पैनल का हिस्सा थे। विश्व स्तर पर भारतीय अंपायरिंग की काफी आलोचना हुई है लेकिन इस दौरान मेनन का प्रदर्शन अच्छा रहा है। 
 
कोविड-19 महामारी के कारण आईसीसी ने स्थानीय अंपायरों के इस्तेमाल की योजना बनाई है जिससे मेनन अगले साल भारमें इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला में मैच अधिकारी की भूमिका निभा सकते है। आईसीसी अगर इस नियम को हटाती है तो वह अलगे साल ऑस्ट्रेलिया में एशेज श्रृंखला में भी अपायरिग करते दिख सकते है। 
 
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर नरेन्द्र मेनन के बेटे मेनन ने मध्य प्रदेश के लिए दो लिस्ट-ए मुकाबले खेले है। उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर हैं और 2006 में बीसीसीआई ने लगभग 10 साल के बाद अंपायरों के लिए एक परीक्षा आयोजित की थी।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता ने मुझे परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर मैं इसमें सफल रहा तो कभी भी एक पेशे के रूप में अंपायरिंग कर सकता हूं। इसलिए मैंने परीक्षा दिया और 2006 में मैं अंपायर बन गया।’ 
 
मेनन पिछले 13 साल से अंपायरिंग कर रहे है। उन्होंन कहा, ‘मेरी प्राथमिकता अंपायरिंग की बजाय देश के लिए खेलना थी। मैंने हालांकि 22 साल की उम्र में खेलना छोड़ दिया था और 23 साल की उम्र में सीनियर अंपायर बन गया था। एक साथ खेलना और अंपायर करना संभव नहीं था इसलिए मैंने सिर्फ अंपायरिंग पर ध्यान देने का फैसला किया।’ 
 
मेनन को भरोसा है कि उन्होंने बीते वर्षों में सीनियर अंपायरों के साथ जो तालमेल बनाया है और दो आईसीसी टूर्नामेंटों (2018 और 2020 महिला टी 20 विश्व कप) में अंपायरिंग करने का अनुभव उन्हें अच्छी स्थिति में रखेगा। उन्होंने कहा, ‘मैं इस तथ्य से बहुत आश्वस्त महसूस कर रहा हूं कि मेरी उम्र कम है, लेकिन इस पेशे में आखिर में प्रदर्शन मायने रखता है। चाहे मैं अच्छा करूं या नहीं, इसमें उम्र का प्रदर्शन से बहुत कम लेना-देना है।’ 
 
उन्होंने कहा कि रणजी ट्रॉफी में अंपायरिंग करने का अनुभव टेस्ट मैचों में काम आएगा। उन्होंने कहा, ‘रणजी ट्रॉफी बहुत प्रतिस्पर्धात्मक है, और फिर जब हम अच्छा करते हैं तो हमें आईपीएल में मौका मिलता है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की तरह लगता है। (भाषा) 
 
ये भी पढ़ें
रोहित और शिखर की जोड़ी की सफलता का राज जानते हैं इरफान पठान