पेट दर्द से थीं परेशान, रन दौड़ने से बचने के लिए हरमनप्रीत ने की चौकों-छक्कों की बारिश

गयाना| पुनः संशोधित शनिवार, 10 नवंबर 2018 (20:22 IST)
गयाना। भारतीय महिला टीम की कप्तान को यदि शुक्रवार रात पेटदर्द नहीं होता तो शायद भारतीय महिला क्रिकेट को अपना पहला ट्वंटी-20 शतक देखने को नहीं मिल पाता।
हरमनप्रीत ने आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंदों में 103 रन बनाए जिसकी बदौलत भारत ने यह मैच 34 रन से जीत लिया। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 7 चौके और 8 छक्के लगाए।





हरमनप्रीत इस तरह भारत की पहली और विश्व की 9वीं महिला खिलाड़ी बन गईं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच में शतक जमाया। इसके अलावा वह तीसरी महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप में शतक बनाया है।
हालांकि इस ऐतिहासिक पारी के दौरान वह पेट दर्द से परेशान थीं और रन लेने के लिए भागने के कारण उनका पेट दर्द बढ़ जाता था। उन्होंने इससे बचने का लाजवाब तरीका ढूंढा और लम्बे छक्के-चौके लगाए। इस तरह उनके 103 रन में से 70 रन तो छक्कों और चौकों से बने।

मैच के बाद हरमनप्रीत ने खुलासा किया कि वह पेटदर्द से परेशान थीं और इससे बचने के लिए उन्होंने छक्के और चौके उड़ाने पर भरोसा किया और वह इसमें कामयाब भी रहीं।
हरमनप्रीत ने कहा, मैच की पूर्वसंध्या पर मेरी पीठ में थोड़ी परेशानी थी। शुक्रवार सुबह भी मैं बेहतर नहीं थी। मैं जब मैदान पर आई तब भी स्थिति ठीक नहीं लग रही थी। रन लेने के लिए भागने में यह परेशानी बढ़ रही थी।

हरमनप्रीत ने कहा कि फिजियो ने मुझे दवा दी तब स्थिति थोड़ी ठीक हुई। लेकिन लगातार भागना मुश्किल हो रहा था। तब मैंने यही सोचा कि मुझे बड़े शॉट खेलने चाहिए। मुझे ख़ुशी है मेरे शतक के कारण हम विपक्षी टीम पर दबाव बनाने लायक स्कोर बना सके। (वार्ता)


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