गौतम गंभीर ने लिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास

Last Updated: बुधवार, 5 दिसंबर 2018 (09:18 IST)
नई दिल्ली। भारतीय टीम से लम्बे समय से बाहर चल रहे और टीम दिल्ली से रिलीज़ कर दिए गए बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लेने की घोषणा कर दी है।

गंभीर ने ट्‍विटर और फेसबुक पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने संन्यास की घोषणा की। भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक गंभीर ने भारत को 2007 का ट्वंटी-20 विश्व कप और 2011 का एकदिवसीय विश्व कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

दिल्ली के गंभीर ने ट्वीट करते हुए, 'सबसे मुश्किल फैसले भारी दिल से लिए जाते हैं। मैं आज भारी मन से
वह ऐलान कर रहा हूं, जिससे मैं पूरी जिंदगी डरता रहा।'

37 वर्षीय गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 ट्वंटी-20 मैच खेले और इन मैचों में उन्होंने क्रमशः 4154, 5238 और 932 रन बनाए। उनका टेस्ट में सर्वाधिक स्कोर 206, वनडे में नाबाद 150 और ट्वंटी-20 में 75 रन रहा।

दिल्ली के गंभीर ने भारत के लिए पहला टेस्ट नवम्बर 2004 में मुंबई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था और उनका आखिरी टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में नवम्बर 2016 में रहा था। गंभीर ने वनडे पदार्पण 11 अप्रैल 2003 को ढाका में बंगलादेश के खिलाफ किया था। उनका आखिरी वनडे धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ 27 जनवरी 2013 को था।

गंभीर ने अपना पहला ट्वंटी-20 मैच 13 सितम्बर 2007 को स्कॉटलैंड के खिलाफ डरबन में खेला था जबकि उनका आखिरी ट्वंटी-20 मैच 28 दिसम्बर 2012 को अहमदाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ था।

आईपीएल में कोलकाता नाईट राइडर्स को दो बार चैंपियन बनाने वाले गंभीर इस साल आईपीएल में कोलकाता को छोड़कर वापस दिल्ली टीम से जुड़े थे और उन्हें कप्तान भी बनाया गया था लेकिन कुछ मैचों में टीम की नाकामी के बाद गंभीर ने कप्तानी छोड़ दी थी। उन्हें फिर अंतिम एकादश से भी बाहर कर दिया गया था। दिल्ली टीम ने आईपीएल के 2019 सत्र के लिए गंभीर को टीम से रिलीज़ कर दिया था।
क्रिकेट का यह बड़ा ही अजीब इत्तेफाक है कि दिल्ली डेयरडेविल्स ने आज ही अपना नाम बदलकर दिल्ली कैपिटल्स रख लिया और उसके कुछ घंटे बाद ही गंभीर के लेने की खबर आ गई।

भारतीय टीम से लम्बे समय से बाहर चल रहे गंभीर गत 14 अक्टूबर को 37 साल के हुए थे। दिल्ली टीम से रिलीज़ किये जाने के बाद उनके करियर को लेकर लगातार सवाल उठते रहे थे लेकिन अब उन्होंने इन सभी सवालों पर विराम लगा दिया है।
बाएं हाथ के ओपनर का इस घरेलू सत्र में विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय टूर्नामेंट में काफी शानदार प्रदर्शन रहा था। उन्होंने केरल के खिलाफ 151 और हरियाणा के खिलाफ 104 रन की पारियां खेली थीं और दिल्ली की टीम फाइनल में पहुंच कर मुंबई से हारी थी।

गंभीर ने पंजाब के खिलाफ आखिरी रणजी मैच में दूसरी पारी में अपने घरेलू फिरोजशाह कोटला मैदान में 60 रन भी बनाये थे। इसी दौरान उन्होंने भारत की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ट्वंटी-20 सीरीज में प्रसारण के दौरान एक्सपर्ट की भूमिका भी निभाई थी।
गंभीर ने 58 टेस्ट में नौ शतक और 147 वनडे मैचों में 11 शतक बनाए। भारत ने गंभीर के करियर के दौरान दो विश्व कप (ट्वंटी-20 विश्व कप 2007, वनडे विश्व कप 2011) जीते। गंभीर इन दोनों ही विश्व कप के फाइनल में भारत के टॉप स्कोरर रहे थे।

नाम से भी गंभीर ने भरे मन के साथ यह घोषणा करते हुए कहा, 'ये जीवन का सबसे मुश्किल फैसला था, जिसे मैंने बड़े ही भारी मन से लिया है। बहुत दिनों से लग रहा था कि इसका समय आ गया है।'
वर्ष 2009 में आईसीसी के 'टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर' रहे गंभीर ने मंगलवार शाम फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'सबसे मुश्किल फैसले, भारी मन के साथ ही लिए जाते हैं और भारी मन के साथ ही मैंने एक ऐलान करने का फैसला लिया है।'

गंभीर के तकरीबन 12 मिनट लंबे इस वीडियो का नाम ‘अनबीटन’ रखा हुआ है। उन्होंने यही संदेश और वीडियो का लिंक अपने ट्‍विटर अकाउंट पर भी पोस्ट किया। अपने ट्‍विटर हैंडल पर पोस्ट के जरिए संन्यास की घोषणा करते हुए गंभीर ने कहा, 'अपने देश के लिए 15 साल से भी अधिक समय तक क्रिकेट खेलने के बाद मैं इस खूबसूरत खेल से अलविदा कहना चाहता हूं।'
उन्होंने कहा, '15 साल के क्रिकेट करियर में मैंने कई बार असफलताओं का सामना किया, कई बार मैंने जीत हासिल की, कई बार चोटिल हुआ और कई सेंचुरी और हाफ सेंचुरी मारी। मैंने कुछ विकेट भी लिए, लेकिन इस खूबसूरत गेम से अब मैं संन्यास लेना चाहता हूं।'

गंभीर ने साथ ही कहा, 'अपने अगले जन्म में भी मैं क्रिकेटर बनना चाहूंगा, देश के लिए कुछ शतक, कुछ विकेट और जीत हासिल करना चाहूंगा।' गंभीर का आंध्र के खिलाफ अगला रणजी मैच उनके क्रिकेट कॅरियर का आखिरी क्रिकेट मैच होगा।


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