टाटा मोटर्स को 1000 करोड़ से ज्यादा का घाटा

मुंबई| पुनः संशोधित बुधवार, 31 अक्टूबर 2018 (17:43 IST)
मुंबई। लग्जरी ब्रांड की बिक्री में आई गिरावट के कारण देश की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी को चालू वित्त वर्ष की 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में 1,095.34 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,991.59 करोड़ रुपए का मुनाफा अर्जित किया था।
कंपनी द्वारा बुधवार को यहां जारी वित्तीय परिणाम के आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य तिमाही में कंपनी की कुल आमदनी 70,344.76 करोड़ रुपए से बढ़कर 72,729.30 करोड़ रुपए हो गई। इस दौरान कंपनी का कुल खर्च 67,263.39 करोड़ रुपए से बढ़कर 73,022.45 करोड़ रुपए हो गया।

कंपनी के मुताबिक आलोच्य तिमाही में संयुक्त उपक्रमों और सहयोगी कंपनियों से उसका शुद्ध लाभ 510 करोड़ रुपए से घटकर 86 करोड़ रुपए का रह गया।
कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही के दौरान चीन के बाजार में उसका हिस्सा घट गया। इस अवधि में जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) की बिक्री 13.2 प्रतिशत घटकर 1,29,887 इकाई रह गई। जेएलआर का कुल राजस्व इस अवधि में 11 प्रतिशत घटकर 5.6 अरब पाउंड रह गया।

टाटा मोटर्स के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि 2.0 रणनीति को प्रभावी तरीके से लागू करने से कंपनी का घरेलू कारोबार का प्रदर्शन अच्छा रहा है। हमारी बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है और वाणिज्यिक वाहनों तथा यात्री वाहनों के मुनाफे में भी बेहतरी आई है, जिससे नकदी प्रवाह में सकारात्मक बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि जेएलआर के संदर्भ में चीन में बाजार हिस्सेदारी और घटी है। इस स्थिति से निपटने के लिए हमने एक योजना शुरू की है। जेएलआर की पूरी टीम अभी मिशन मोड में है। जेएलआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राल्फ स्पेत ने कहा कि आलोच्य तिमाही के दौरान बाजार चुनौतीपूर्ण रहा। चीन में मांग घटने और डीजल तथा ब्रेग्जिट को लेकर यूरोप में जारी अनिश्चितता से हमारा परिणाम प्रभावित हुआ है। (वार्ता)


और भी पढ़ें :