Flipkart : दो दोस्त, 2 बीएचके का दफ्तर और सौदा खरबों का

पुनः संशोधित बुधवार, 9 मई 2018 (19:51 IST)
भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी को वॉलमार्ट ने खरीदने की घोषणा की है। वॉलमार्ट के मुताबिक उसने 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट की करीब 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इसे देश में इस साल का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण माना जा रहा है। कंपनी की शेष हिस्सेदारी फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक बिन्नी बंसल, टेनसेंट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट सहित मौजूदा निवेशकों की रहेगी।
एक छोटा-सा स्टार्टअप किस तरह इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकता है, फ्लिपकार्ट इसका उदाहरण है। दो दोस्तों द्वारा शुरू किए गए इस छोटे से स्टार्टअप की एक दिग्गज कंपनी में तब्दील होने की कहानी भी कम‍ दिलचस्प नहीं है। सिर्फ 11 साल में यह कंपनी सफलता का पर्याय बन गई। कंपनी की शुरुआत से जुड़ी दिलचस्प बातें-

- 2005 में अमेरिकी ई कॉमर्स कंपनी अमेजन के दो पूर्व कर्मचारी की मुलाकात आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई के दौरान हुई।

- कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट सचिन और बिन्नी की सोच मिलती है और इसी सोच से फ्लिपकार्ट का जन्म हुआ। अक्टूबर 2007 में दोनों नौकरी छोड़कर ऑनलाइन बुकस्टोर के रूप में एक नया स्टार्टअप शुरू किया।

- फ्लिपकार्ट उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन किताबें खरीद सकते हैं और उन्हें डाक द्वारा घर ये किताबें भेजी जाती हैं। पहले साल में कंपनी को सिर्फ 20 खेप के ऑर्डर मिले।

- फ्लिपकार्ट की शुरुआत बेंगलुरु स्थित 2 बेडरूम वाले एक अपार्टमेंट से हुई। इसके बाद 2008 में दिल्ली और 2009 में मुंबई में कंपनी का ऑफिस खुला।
- 2010 का वर्ष फ्लिपकार्ट के लिए पासा पलटने वाला रहा जब उसने अन्य उत्पादों के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद व मोबाइल आदि भी ऑनलाइन बेचना शुरू किया।

- फ्लिपकार्ट ने उपभोक्ताओं को रिझाने के लिए नो कॉस्ट EMI की स्कीम शुरू की। लोगों को महंगे प्रॉडक्ट्स खरीदने में काफी फायदा हुआ। यह स्कीम काफी लोकप्रिय हुई।

- विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए फ्लिपकार्ट ने 2011 में सिंगापुर का भी रुख किया। फ्लिपकार्ट ने छोटी ई-कॉमर्स कंपनियों को खरीदना भी जारी रखा। मिंट्रा, ईबे, फोनपे, चकपक जैसी कंपनियों को खरीद अपनी सफलता की कहानी बरकरार रखी।

- भारत में इंटरनेट की स्पीड और पहुंच को देखते हुए फ्लिपकार्ट ने 2015 में लाइट वर्जन लॉन्च किया जो तेज था और कम स्पीड में भी चलता था। इस ट्रेंड को भी बहुत मोबाइल एप्स ने अपनाया।

- फ्लिपकार्ट के मौजूदा मुख्यालय में 6,800 कर्मचारी हैं। पिछले महीने कंपनी ने बेंगलुरु स्थित अपने सभी दफ्तरों को 8.3 लाख स्क्वेयर फुट के विशाल कैंपस में शिफ्ट किया।

- सचिन बंसल 2009 से 9 साल तक फ्लिपकार्ट के सीईओ रहे। 2016 में बिन्नी बंसल सीईओ बन गए और सचिन ने एग्जिक्युटिव चेयरमैन का पद संभाला।
- 2010 में जब केवल 0.5 प्रतिशत लोग ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते थे, फ्लिपकार्ट ने कैश ऑन डिलिवरी (CoD) की शुरुआत की। फ्लिपकार्ट ने लोगों को सामान हाथ में आने के बाद भुगतान (सीओडी) का विकल्प भी दिया।

- लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के डर को देखते हुए फ्लिपकार्ट ने बिना किसी कारण बताए रिटर्न करने का ऑप्शन दिया। इससे मोबाइल के ग्राहकों को काफी फायदा हुआ।


- फ्लिपकार्ट ने ऑनलाइन मोबाइल खरीदने के ट्रेंड को ही बदल डाला। 2014 से पहले प्रोडक्ट ऑफलाइन लांच होता था और फिर ऑनलाइन। फ्लिपकार्ट पर एक्सक्लूसिव सेल के जरिए प्रोडक्ट को ऑनलाइन लांच किया। 5 महीनों में ही मोटो ने 10 लाख स्मार्टफोन्स बेच दिए थे और अब यह ट्रेंड बन चुका है।

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