बैंकिंग की नाजायज वसूली पर रोक लगाने की मांग

जयपुर| पुनः संशोधित रविवार, 19 मार्च 2017 (18:37 IST)
जयपुर। कंज्यूमर्स कांफडरेंशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं की उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य डॉ. अनंत शर्मा ने कहा कि मनमाने शुल्क लगाकर सरकार के डिजिटिलाइजेशन अभियान की हवा निकालने में जुटे बैंकों पर सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की है। 
शर्मा रविवार को यहां उपभोक्ता संस्था केंस की ओर से 'बैंकों द्वारा मनमानी शुल्क वसूली कितनी जायज, कितनी नाजायज' विषय पर आयोजित संवाद में बोल रहे थे। उन्होंने डिजिटल ट्रांजेक्शन को शुल्क मुक्त करने, ऐसे लेन-देन पर सर्विस टैक्स खत्म करने और 10 हजार तक के एटीएम लेन-देन पर किसी तरह का चार्ज नहीं लेने की मांग की। 
 
उन्होंने कहा कि आयकर प्रावधानों एवं सरकारी नियमों के चलते उपभोक्ताओं के लिए व्यवहार जरूरी हो गया है। इस लिए बैंकिंग सैक्टर में पोर्टेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी हो तथा इसे मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाया जाए। भारतीय रिजर्व बैंक को इस हेतु कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए देश के उपभोक्ता संगठन 28 मार्च को गुजरात से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करेंगे।
 
भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व अधिकारी एवं राजस्थान सरकार के उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य कृष्णपाल धीर ने कहा कि उपभोक्ता संगठन जायज बैंकिंग शुल्कों के खिलाफ नहीं है लेकिन हिडन चार्जेस और नाजायज शुल्क बर्दास्त नहीं किए जा सकते और बैंकों को उपभोक्ता हितैषी होकर काम करने की जरूरत है। (वार्ता)

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