आयुर्वेदिक उत्पादों में च्यवनप्राश अव्वल

नई दिल्ली | भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 6 अप्रैल 2010 (08:59 IST)
चिकित्सीय गुणों एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध देश में आयुर्वेदिक उत्पादों में सबसे अधिक बिकने वाला उत्पाद है।

देश में आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली के विकास के लिए काम कर रहे एक गैरसरकारी संगठन सोसाइटी फॉर न्यू एज हर्बल्स के एक अध्ययन के मुताबिक देश में च्यवनप्राश की सालाना बिक्री 250 करोड़ रुपए से अधिक की है।

संगठन ने देश में सबसे अधिक बिकने वाले 20 शीर्ष आयुर्वेदिक उत्पादों की एक सूची जारी की है, जिसमें च्यवनप्राश को अव्वल दर्जा हासिल हुआ है। सूची में च्यवनप्राश के बाद दूसरे पायदान पर है, जो कब्ज दूर भगाने में रामबाण माना जाता है।
शीर्ष पाँच उत्पादों की सूची में तीसरे पायदान पर दसमूलारिष्ठ है, जो प्रसव के उपरांत महिलाओं के स्वास्थ्य को सामान्य बनाता है, जबकि चौथे पायदान पर अशोकारिष्ठ है जो महिलाओं के मासिक चक्र को नियमित करता है। पाँचवें पायदान पर लवण भास्कर चूर्ण है, जो व्यक्ति का हाजमा दुरुस्त रखने में सहायक है।

उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक देश में आयुर्वेदिक, यूनानी एवं सिद्ध उत्पादों जिसे सामूहिक तौर पर आयुष के नाम से जाना जाता है, का कुल बाजार करीब 8,000 करोड़ रुपए का होने का अनुमान है, जिसमें परंपरागत आयुर्वेदिक दवाओं की हिस्सेदारी करीब 500 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। (भाषा)


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