कौन थे पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम?

Grave of Hazrat Ibrahim
पुनः संशोधित बुधवार, 29 नवंबर 2017 (14:23 IST)
Grave of Hazrat Ibrahim
पैगंबर अब्राहम को यहूदी, ईसाई और मुसलमान तीनों ही पैगंबर मानते हैं। मुस्लिम हजरत अब्राहम को हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम कहते हैं। हालांकि कुछ हिन्दू उन्हें प्राजापति ब्रह्मा से जोड़कर देखते हैं। यह एक शोध का विषय हो सकता है। यहां प्रस्तुत है हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की संक्षिप्त कहानी।
बाढ़ के 350 साल बाद हज. नूह की वफात हो गई। नूह के स्वर्ग जाने के ठीक 2 साल बाद हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम का जन्म हुआ। एक दिन अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम से कहा- 'तुम इस शहर, ऊर को और अपने रिश्तेदारों को छोड़ दो और उस देश को जाओ, जो मैं तुम्हें दिखाऊंगा।'

जब हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने ऊर शहर छोड़ा तो उनके परिवार के कुछ लोग भी उनके साथ गए। साथ आए लोगों में उनकी पत्नी सारा, उनके पिता तेरह और उनके भाई का बेटा लूत। रास्ते में हारान शहर में हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के पिता की वफात हो गई। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को ऊर इसलिए छोड़ना पड़ा, क्योंकि उन्होंने उस शहर के एक मंदिर को ध्वस्त कर बुतपरस्ती के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनका परिवार हारान शहर से निकलकर कनान देश पहुंचा। वहां अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम से कहा, 'मैं यही देश तुम्हारे बच्चों को दूंगा।' हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम वहीं रुक गए और तंबुओं में रहने लगे। एक दिन अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की परीक्षा ली। उस परीक्षा की याद में ही बकरीद मनाई जाती है। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के दो बेटे थे- इसहाक और जेकब।
प्राचीन मेसोपोटामिया (वर्तमान इराक तथा सीरिया) में सामी मूल की विभिन्न भाषाएं बोलने वाले अक्कादी, कैनानी, आमोरी, असुरी आदि कई खानाबदोश कबीले रहा करते थे। इन्हीं में से एक कबीले का नाम हिब्रू था। वे यहोवा को अपना ईश्वर और हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को आदि पितामह मानते थे। उनकी मान्यता थी कि अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनके वंशजों के रहने के लिए इसराइल देश नियत किया है।
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम मध्य में उत्तरी इराक से कानान चले गए थे। वहां से हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के खानाबदोश वंशज और उनके पुत्र इसाक और जेकब, जो तब तक 12 यहूदी कबीले बन चुके थे, मिस्र चले गए। मिस्र में उन्हें कई पीढ़ियों तक गुलाम बनकर रहना पड़ा।

अगली बार जब ह. इब्राहीम अलैय सलाम मक्का आए तो अपने पुत्र इस्माइल से कहा कि अल्लाह तआला ने मुझे हुक्म दिया है कि इस जगह एक घर बनाऊं। तब उन्होंने खाना-ए-काबा का निर्माण किया। निर्माण के दौरान इस्माइल पत्थर ढोकर लाते और ह. इब्राहीम अलैय सलाम उन्हें जोड़ते थे। इति।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

बांग्लादेश में हैं माता के ये 5 शक्तिपीठ

बांग्लादेश में हैं माता के ये 5 शक्तिपीठ
भारत का बंटवारा जब हुआ था तब भारतीय हिन्दुओं ने अपने कई तीर्थ स्थल, शक्तिपीठ और प्राचीन ...

अतिथि देवो भव:, जानिए अतिथि को देवता क्यों मानते हैं?

अतिथि देवो भव:, जानिए अतिथि को देवता क्यों मानते हैं?
अतिथि कौन? वेदों में कहा गया है कि अतिथि देवो भव: अर्थात अतिथि देवतास्वरूप होता है। अतिथि ...

यह रोग हो सकता है आपको, जानिए 12 राशि अनुसार

यह रोग हो सकता है आपको, जानिए 12 राशि अनुसार
12 राशियां स्वभावत: जिन-जिन रोगों को उत्पन्न करती हैं, वे इस प्रकार हैं-

मांग में सिंदूर क्यों सजाती हैं विवाहिता?

मांग में सिंदूर क्यों सजाती हैं विवाहिता?
मांग में सिंदूर सजाना एक वैवाहिक संस्कार है। सौभाग्यवती स्त्रियां मांग में जिस स्थान पर ...

वास्तु : खुशियों के लिए जरूरी हैं यह 10 काम की बातें

वास्तु : खुशियों के लिए जरूरी हैं यह 10 काम की बातें
रोजमर्रा में हम ऐसी गलतियां करते हैं जो वास्तु के अनुसार सही नहीं होती। आइए जानते हैं कुछ ...

हिंदू धर्मग्रंथों का सार, जानिए किस ग्रंथ में क्या है?

हिंदू धर्मग्रंथों का सार, जानिए किस ग्रंथ में क्या है?
अधिकतर हिंदुओं के पास अपने ही धर्मग्रंथ को पढ़ने की फुरसत नहीं है। वेद, उपनिषद पढ़ना तो ...

हिन्दू धर्मग्रंथ गीता : कब, कहां, क्यों?

हिन्दू धर्मग्रंथ गीता : कब, कहां, क्यों?
3112 ईसा पूर्व हुए भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। कलियुग का आरंभ शक संवत से 3176 वर्ष ...

केदारनाथ के प्रादुर्भाव से 2013 तक के इतिहास पर लेजर शो 28 ...

केदारनाथ के प्रादुर्भाव से 2013 तक के इतिहास पर लेजर शो 28 अप्रैल से
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को कहा कि इस बार केदारनाथ में ...

आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा का महाप्रयाण दिवस

आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा का महाप्रयाण दिवस
सत्य साईं बाबा आध्यात्मिक गुरु व प्रेरक व्यक्तित्व थे, जिनके संदेश और आशीर्वाद ने पूरी ...

सिर्फ और सिर्फ एक हनुमान मंत्र, रखेगा आपको पूरे साल

सिर्फ और सिर्फ एक हनुमान मंत्र, रखेगा आपको पूरे साल सुरक्षित
इस विशेष हनुमान मंत्र का स्मरण जन्मदिन के दिन करने पर पूरे साल की सुरक्षा हासिल होती है ...

राशिफल