आईपीएल 11 : बटलर ने दिलाई राजस्थान रॉयल्स को चेन्नई पर जीत

Last Updated: शनिवार, 12 मई 2018 (01:25 IST)
जयपुर। सलामी बल्लेबाज की करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी की मदद से ने शुक्रवार को यहां एक रोमांचक मैच में को 4 विकेट से हराकर आईपीएल-11 के में पहुंचने की अपनी उम्मीदें जीवंत रखीं।

बटलर ने असल में अकेले दम पर राजस्थान को जीत दिलाई। उन्होंने पारी का आगाज करते हुए 60 गेंदों पर 11 चौकों और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 95 रन बनाए जिससे राजस्थान ने 19.5 ओवररों में 6 विकेट पर 177 रन बनाकर जीत दर्ज की।

चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 176 रन बनाए थे। सुरेश रैना (35 गेंदों पर 52 रन) और (31 गेंदों पर 39 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी की। यह भागीदारी टूटने के बाद चेन्नई आखिरी 51 गेंदों पर 71 रन ही बना पाया जिसमें धोनी की 23 गेंदों पर 33 रन की पारी भी शामिल हैं। उन्होंने सैम बिलिंग्स (22 गेंदों पर 27) के साथ चौथे विकेट के लिए 55 रन जोड़े।
राजस्थान को आखिरी 2 ओवरों में 28 रनों की दरकार थी। ऐसे में मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत के नायक कृष्णप्पा गौतम (4 गेंदों पर 13 रन) के डेविड विली पर लगाए गए 2 छक्कों ने रॉयल्स के खेमे में जान भरी। ड्वेन ब्रावो आखिरी ओवर करने आए जिसमें 12 रन चाहिए थे। बटलर ने शुरू से स्ट्राइक अपने पास रखी और 1 छक्के की मदद से आवश्यक रन बनाकर अपनी टीम को जरूरी जीत दिलाई।
इस जीत से राजस्थान के 11 मैचों में 10 अंक हो गए हैं और वह प्लेऑफ की दौड़ में बना हुआ है। चेन्नई के अब 11 मैचों में 14 अंक हैं। राजस्थान के पॉवरप्ले के 6 ओवर घटनाप्रधान रहे। बटलर ने हमवतन विली की पहली 3 गेंदों पर चौके लगाए और हरभजन सिंह के अगले ओवर में 2 चौके और लांग ऑन पर छक्का जड़कर 2 ओवरों में स्कोर 27 रन कर दिया।

दूसरे सलामी बल्लेबाज बेन स्टोक्स (7 गेंदों पर 11 रन) को तीसरे ओवर में पहली गेंद खेलने का मौका मिला। स्टोक्स ने हरभजन के अगले ओवर में चौका और फिर छक्का लगाया लेकिन अगली गेंद उनका मिडिल स्टंप उखाड़ गई। कप्तान अजिंक्य रहाणे (4) आते ही पैवेलियन लौट गए। रवीन्द्र जडेजा की टर्न लेती गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर धोनी के दस्तानों को छूकर रैना के सुरक्षित हाथों में चली गई जिनका यह टी-20 में 150वां कैच था।
बटलर पहले की अपेक्षा थोड़ा धीमा पड़े लेकिन वे रहम दिखाने को तैयार नहीं थे। उन्होंने 26 गेंदों पर अपना लगातार चौथा अर्द्धशतक पूरा किया। आईपीएल में यह कारनामा करने वाले वे वीरेन्द्र सहवाग (5 अर्द्धशतक) और विराट कोहली (4) के बाद तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।

बटलर ने स्टोक्स के साथ 48 और संजू सैमसन (21) के साथ 46 रनों की साझेदारियां कीं। सैमसन रन आउट हो गए और आईपीएल में पदार्पण कर रहे प्रशांत चोपड़ा केवल 8 रन बना पाए। खेल आगे बढ़ने के साथ पिच थोड़ी मुश्किल हो गई।
चेन्नई की चिंता बटलर थे जिन्होंने पूरे दमखम के साथ एक छोर संभाल रखा था, हालांकि रन और गेंद के बीच अंतर लगातार बढ़ता जा रहा था और ऐसे में स्टुअर्ट बिन्नी (17 गेंदों पर 22 रन) भी ब्रैवो पर छक्का जड़ने के बाद हवा में गेंद लहराकर पैवेलियन लौट गए। बटलरहालांकि आखिर में अपना काम पूरा करके ही वापस लौटे।
इससे पहले धोनी ने आईपीएल की वर्तमान परंपरा के विपरीत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन उसने अच्छी फॉर्म में चल रहे अंबाती रायुडु (12) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिन्हें जोफ्रा आर्चर (42 रन देकर 2 विकेट) ने तीसरे ओवर में अपनी पहली गेंद पर बोल्ड किया।
रैना और वॉटसन ने अगले 9 ओवरों तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया लेकिन इस बीच चेन्नई की पारी उतार-चढ़ाव की तरह आगे बढ़ी। बीच में 3 ओवरों (6ठे से 8वें) में केवल 15 रन बने। 8 ओवर के बाद स्कोर 1 विकेट पर 64 रन था। इन दोनों बल्लेबाजों ने ईश सोढ़ी (29 रन देकर 1 विकेट) के अगले ओवर में 1-1 छक्के की मदद से 16 रन बटोरकर रन गति तेज की। जब दोनों हावी होकर खेलने लगे तो रहाणे ने फिर से आर्चर को गेंद सौंपी और वॉटसन को विकेट के पीछे कैच कराया जिन्होंने अपनी पारी में 2 चौके और 2 छक्के लगाए।
रैना भी अपने टी-20 करियर का 45वां अर्द्धशतक पूरा करने के बाद सोढ़ी की गुगली को हवा में लहरा गए जिसे बिन्नी ने खूबसूरती से कैच में तब्दील किया। 2 जमे हुए बल्लेबाजों के 9 गेंद के अंदर पैवेलियन लौटने से रनगति प्रभावित हुई। रैना ने अपनी पारी में 6 चौके और 1 छक्का लगाया।

धोनी और बिलिंग्स क्रीज पर थे लेकिन अगले 4 ओवरों में केवल 23 रन बने और इस बीच गेंद केवल एक बार सीमा रेखा को पार किया। धोनी ने जयदेव उनादकट पर मिडविकेट क्षेत्र में छक्का लगाया, लेकिन बिलिंग्स रन बनाने के लिए जूझते रहे। उन्होंने स्टोक्स के आखिरी ओवर में रन आउट होने से पहले 2 चौके लगाकर अपने स्ट्राइक रेट में सुधार किया। (भाषा)


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