Widgets Magazine

IPL 10 : इस हार के बाद पंजाब हो जाएगा बाहर

पुनः संशोधित सोमवार, 8 मई 2017 (19:35 IST)
मोहाली। गुजरात लायंस के खिलाफ पिछले मुकाबले में अप्रत्याशित हार झेलने वाली किंग्स इलेवन पंजाब अभी भी आईपीएल-10 के प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपनी उम्मीदें बनाए हुई है लेकिन मंगलवार को अपने घरेलू मैदान पर कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ उसका मैच 'करो या मरो' का होगा जिसमें हार मिली तो वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा।
          
पंजाब ने अच्छी लय में खेलते हुए अपने पिछले दो मैचों में दिल्ली और बेंगलुरु को हराया था लेकिन फिसड्डी टीम गुजरात के खिलाफ वह रविवार को अपने पिछले मैच में खराब क्षेत्ररक्षण के कारण जीत के करीब आते हुए भी चूक गई और 189 के बढ़िया स्कोर के बावजूद वह छह विकेट से मैच गंवा बैठी। पंजाब की यह हार उसकी उम्मीदों को तगड़ा झटका है और अब बचे हुए शेष सभी मैच जीतना उसके लिए अनिवार्य है। 
         
ग्लेन मैक्सवेल की टीम यदि अगले मैच में केकेआर से हारी तो वह टूर्नामेंट से पूरी तरह बाहर हो जाएगी जिसने बेंगलुरु को पिछले मैच में छह विकेट से हराकर प्लेऑफ में लगभग जगह पक्की कर ली है। कोलकाता 12 मैचों में 16 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि पंजाब अभी 11 मैचों में 10 अंक लेकर पांचवें नंबर पर है। 
        
गौतम गंभीर की टीम के लिए परिणाम के लिहाज से अगला मैच भी अहम है क्योंकि इस जीत से वह शीर्ष दो टीमों में जगह बना सकती है, लेकिन पंजाब को इस मैच में अपना पूरा जोर लगाना होगा और साथ ही गलतियों में भी सुधार करना होगा जिससे उसने हाथ आए मुकाबले को गंवा दिया। 
  
पंजाब ने पिछले मैच में कई अहम कैच टपकाए थे और उसे इसका खामियाजा हार के रूप में भुगतना पड़ा। पंजाब ने ड्वेन स्मिथ के कैच छठे और आठवें ओवर में टपकाए, जिन्होंने फिर मैच विजयी 74 रन मारे। इसके बाद पंजाब ने गुजरात के कप्तान सुरेश रैना का कैच भी टपकाया जिन्होंने 39 रन बनाए। निर्णायक मौकों पर कैच टपकाकर पंजाब ने मैच पर से अपनी पकड़ गंवा दी। स्मिथ तो दो जीवनदान का फायदा उठाकर 'मैन ऑफ द मैच' भी बन गए। 
        
पंजाब के कप्तान ग्लेन मैक्सवेल ने मैच के बाद निराशा के साथ कहा, 189 का स्कोर पर्याप्त था लेकिन गेंदबाजों और क्षेत्ररक्षकों ने हमें निराश किया। हमने तीन अहम कैच छोड़े। इतने कैच छोड़ने के बाद आप जीत की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। हमें अपने क्षेत्ररक्षण में सुधार करना होगा।
        
किंग्स इलेवन पंजाब के लिए यह तथ्य भी दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि हाशिम अमला के आईपीएल में तीन सर्वाधिक स्कोर उसे जीत नहीं दिला सके। अमला ने हैदराबाद के खिलाफ 96, मुंबई के खिलाफ 104 और गुजरात के खिलाफ नाबाद 104 रन बनाए लेकिन तीनों ही मैचों में पंजाब को हार का सामना करना पड़ा। इसमें दोष अमला का नहीं बल्कि गेंदबाजों का है जिन्होंने उनकी मेहनत पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
       
पंजाब को यदि मुकाबले में बने रहना है तो मैक्सवेल एंड कंपनी को कोलकाता के विस्फोटक ओपनर सुनील नारायण को काबू करना होगा जिन्होंने पिछले मैच में आईपीएल इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक ठोक डाला था और क्रिस लिन के साथ पावरप्ले में 105 रन जोड़कर आईपीएल इतिहास में पावरप्ले में सबसे अधिक रन बटोरने का रिकॉर्ड बना डाला था। (वार्ता)
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine
Widgets Magazine