अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर रहे नरेन्द्र मोदी : राहुल

पुनः संशोधित मंगलवार, 12 सितम्बर 2017 (21:47 IST)
वॉशिंगटन। राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोलते हुए उन पर बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा देने, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के लिए जगह पैदा करने और अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के आरोप लगाए।
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यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल ने विदेशी सरजमीं पर मोदी के खिलाफ ये आरोप लगाए। गौरतलब है कि कांग्रेस मोदी पर आरोप लगाती रही है कि वह विदेशों में अपनी विपक्षी पार्टियों और नेताओं का मजाक उड़ाते हैं।

47 साल के राहुल ने कहा, आज भारत में नफरत, गुस्सा, हिंसा और ध्रुवीकरण की राजनीति ने अपना सिर उठा लिया है। दो हफ्ते लंबी यात्रा पर कल अमेरिका पहुंचे राहुल ने यूनिवर्सिटी में अपने संवाद के दौरान समकालीन भारत और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के बारे में अपना नजरिया भी जाहिर किया।
उन्होंने कहा कि हिंसा और नफरत लोगों को अपनी जिम्मेदारियों से भटकाती है। स्वयंभू गोरक्षकों की ओर से की जा रही हिंसा और हाल में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या का हवाला देते हुए राहुल ने कहा, उदारवादी पत्रकारों को गोली मारी जा रही है। दलित होने और बीफ खाने के शक में मुस्लिमों की हत्या भीड़ की ओर से कर दी जा रही है। ये चीजें भारत में नई हैं और भारत को बहुत नुकसान पहुंचा रही हैं।
उन्होंने कहा, नफरत की राजनीति बांटती है और भारत को ध्रुवीकृत करती है जिससे भारत के अनेक लोगों को ऐसा महसूस होता है कि अपने ही देश में उनका कोई भविष्य नहीं है। आज की एक-दूसरे से जुड़ी हुई दुनिया में यह काफी खतरनाक है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, यह लोगों को अलग-थलग करती है और इससे वे कट्टरपंथी विचारों की चपेट में आ जाते हैं।

राहुल ने कहा कि अब तक भारत की ताकत यह रही है कि इसने कई उपलब्धियां हासिल की है और ये सारी चीजें शांतिपूर्ण तरीके से की गई हैं । उन्होंने कहा, विपरीत ऊर्जा हमारी गति को खत्म कर सकती है।

अपने संबोधन में राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे लापरवाह और खतरनाक फैसलों से भारत की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि मुख्य आर्थिक सलाहकार और संसद से विचार-विमर्श किए बगैर ही आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान कर दिया गया, जिससे अर्थव्यवस्था को जबर्दस्त नुकसान हुआ।
राहुल ने कहा, भारत के ठोस संस्थागत ज्ञान की अनदेखी कर ऐसे फैसले करना लापरवाही भरा और खतरनाक है। उन्होंने मोदी पर यह आरोप भी लगाया कि वह जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर आतंकवादियों के लिए जगह पैदा कर रहे हैं, जिससे हिंसा में बढ़ोत्तरी हो रही है ।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ भाजपा के गठबंधन का मोदी का फैसला रणनीतिक भूल थी। उन्होंने कहा, पीडीपी वह जरिया थी जिसने कश्मीरी युवाओं को राजनीतिक प्रक्रिया में लाने का काम किया और जिस दिन नरेंद्र मोदी ने पीडीपी-भाजपा का गठबंधन किया, उन्होंने पीडीपी को एक ऐसे जरिए के तौर पर तबाह कर दिया जो युवाओं को राजनीतिक प्रणाली में लेकर आई थी।

उन्होंने कहा, और जिस दिन उन्होंने ऐसा किया, उन्होंने कश्मीर में आतंकवादियों के लिए बड़े पैमाने पर जगह पैदा कर दी और वह आ गए। आप देख रहे हैं कि हिंसा किस कदर बढ़ गई है। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर राहुल ने दावा किया कि आर्थिक वृद्धि दर में कमी के कारण देश में गुस्सा बढ़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, सरकार की आर्थिक नीतियों (नोटबंदी और जीएसटी) से बहुत नुकसान हुआ है। राहुल ने कहा, नोटबंदी के कारण लाखों छोटे व्यापारी बर्बाद हो गए। किसान और नकदी इस्तेमाल करने वालों की तो कमर ही टूट गई। कृषि क्षेत्र बहुत संकट में है और देश भर में किसानों की खुदकुशी की दर बढ़ गई है।

बेरोजगारी के हालात पर राहुल ने कहा कि हर रोज 30,000 नौजवान रोजगार की तलाश में बाजार में दाखिल हो रहे हैं और सरकार महज 500 नौकरियां एक दिन में पैदा कर रही है।

राहुल ने चेताया, यदि हम मौजूदा दर पर चलें, यदि भारत रोजगार के लिए बाजार में दाखिल हो रहे लाखों लोगों को रोजगार नहीं दे पाया, तो गुस्सा बढ़ेगा और उसमें इतनी क्षमता होगी कि वह अब तक बनाई गई चीजों को तबाह कर देगा। यह भारत और इससे आगे की दुनिया के लिए भयावह होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती नौकरियां पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रोजगार बाजार में हर साल करीब एक करोड़ 20 लाख लोग दाखिल हो रहे हैं, जिनमें करीब 90 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनके पास हाई स्कूल तक की या उससे भी कम की शिक्षा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश होने के नाते दमन के चीनी मॉडल का पालन नहीं कर सकता।

राहुल ने कहा, हम कुछ लोगों के नियंत्रण में चल रहे बड़े-बड़े कारखानों के मॉडल का पालन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, आज भारत में शीर्ष 100 कंपनियों पर सारा ध्यान दिया जा रहा है। हर चीज उन्हीं के लिए की जा रही है। बैंकिंग व्यवस्था में उनका एकाधिकार है और उनके लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले होते हैं।

कानून को आकार देने का काम भी वही कर रहे हैं जबकि छोटे और मझोले कारोबारियों को बैंक से कर्ज लेने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने मानवीय बदलाव की बड़ी प्रक्रिया शुरू की है। यह गति इतनी ताकतवर है कि भारत की नाकामी अब विकल्प ही नहीं है। (भाषा)

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