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Last Updated : सोमवार, 21 फ़रवरी 2022 (07:44 IST)

अमेरिकी खुफिया एजेंसी का दावा, यूक्रेन पर हमले का आदेश जारी, पहले साइबर अटैक करेगा रूस!

अमेरिकी खुफिया एजेंसी का दावा, यूक्रेन पर हमले का आदेश जारी, पहले साइबर अटैक करेगा रूस! - Order for attack on Ukraine issued, Russia will first cyber attack
रूस और यूक्रेन के तनाव के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी का दावा है कि रूस ने यूक्रेन पर हमले के आदेश जारी कर दिए है।  
 
सूत्रों ने यह दावा किया है कि रूसी टैंक यूक्रेन की ओर बढ़ने लगे हैं। इन्हीं सूत्रों के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी बलों को यूक्रेन पर हमले का आदेश दे दिया है और अब हमले के आखि‍री प्लान पर मुहर लगाई जा रही है। 
 
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया विभाग के सूत्रों ने दावा किया है कि यूक्रेन (Ukraine Crisis) पर सीधा हमले से पहले रूस साइबर अटैक करेगा। अंत में जमीनी टुकड़ियां यूक्रेन के शहरों पर कब्जा करेंगी। रूस की अग्रिम पंक्ति की सेना के वाहनों, टैंकों पर पेंट से जेड अक्षर बनाया गया है और ये टैंक यूक्रेन सीमा की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

अमेरिकन इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बताया है कि यूक्रेन के पास तैनात 1.50 लाख रूसी सिपाहियों में 40% से 50% जल्द ही फुल स्केल वॉर शुरू कर सकते हैं।

अधिकारियों ने कहा- रूस बॉर्डर लाइन पर हमले करके यूक्रेन को युद्ध के लिए उसका रहा है, हालांकि अब उसके अगले कदम के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है।

यूक्रेनी विश्लेषकों का दावा है कि यूक्रेन के पास भी रूस की तरह के ही टैंक और वाहन हैं। इसलिए अपनी ही सेना की गोलाबारी से बचने के लिए ये निशान बनाए गए हैं।

वाहनों पर इस तरह के निशान बनाने की शुरुआत पहले खाड़ी युद्ध के दौरान अमेरिकी और ब्रिटिश सेनाओं ने की थी। तब उन्होंने एक दूसरे को निशाना बनाने से बचने के लिए वाहनों पर उलटा वी का निशान बना दिया था।
 
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक बार फिर रूस पर फाल्स फ्लैग ऑपरेशन जारी रखने का आरोप लगाया। वहीं, एक चेतावनी में यह भी बताया गया है कि रूस की तरफ से युद्ध का बहाना गढ़ने के लिए कई तरह की पटकथा रची गई है, इस वजह से अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अगला रूसी हमला किस तरह का होगा।

इस बीच मॉस्को स्थित अमेरिकन एम्बेसी ने मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग समेत कई शहरों पर हमले की चेतावनी जारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन के साथ जारी तनाव के बीच रूस के कई शहरों में शॉपिंग सेंटर्स, रेलवे और मेट्रो स्टेशनों और पब्लिक प्लेस पर हमले हो सकता है।

अमेरिकी एम्बेसी के प्रवक्ता जेसन रेभोल्ज ने सोशल मीडिया पर प्रेस रिलीज जारी करते हुए लिखा, “रूस के लिए अमेरिकी मिशन की ओर से इंपॉर्टेंट सिक्योरिटी अलर्ट” जर्मनी-ऑस्ट्रिया ने अपने लोगों से कहा छोड़ दें यूक्रेन अगले कुछ दिनों में युद्ध होने की आशंका के बीच जर्मनी और ऑस्ट्रिया ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है।

जर्मन विमानन कंपनी लुफ्थांसा ने राजधानी, कीव और ओडेसा के लिए उड़ानें रद्द कर दीं। कीव में नाटो के संपर्क कार्यालय ने कहा कि यह कर्मचारियों को ब्रुसेल्स और पश्चिमी यूक्रेन शहर लविव में स्थानांतरित कर रहा है।
 
इधर भारतीय दुतावास ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें वहां रह रहे सभी भारतीयों से कहा है कि अगर उनका रहना जरूरी नहीं है, तो वह यूक्रेन छोड़कर चले जाएं। ऐसा वहां मौजूद स्थिति को देखते हुए कहा जा रहा है।

छात्रों को चार्टर उड़ानों के अपडेट के लिए कॉन्ट्रैक्टर्स के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। साथ ही कहा गया है कि दूतावास के सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले अपडेट्स को देखते रहें।

एक दूसरी रिपोर्ट में ये दावा
सीएनन का इस बारे में कहना है कि अभी रूस की सेना ने हमले का आदेश नहीं दिया है। यह भी हो सकता है कि खुफिया विभाग पश्चिमी देशों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा हो।

बता दें कि कुछ दन पहले अमेरिका ने कहा था कि रूस ने यूक्रेन के बॉर्डर पर 15 लाख सैनिक लगा दिए हैं। इसमें से आधे सैनिक अटैक पोजीशन पर हैं। हालांकि रूस ने इस बात से इनकार किया था। उसने यूक्रेन से आश्वासन मांगा था कि वह कभी NATO में शामिल नहीं होगा।
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