बाबा वेंगा की भविष्यवाणी- डोनाल्ड ट्रंप लाएगा अमेरिका में तबाही!

Last Updated: शुक्रवार, 11 नवंबर 2016 (14:29 IST)
फ्रांस के के बाद बुल्गारिया की भविष्यवक्ता बाबा वेन्गा की भविष्यवाणी को लेकर दुनियाभर में काफी चर्चा होती रहती है। वेन्गा को 'नास्त्रेदमस फ्रॉम द बाल्कन' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने जितनी भी भविष्यवाणियां की हैं, वे सभी सच हुई हैं। बाल्कन ने पिछले दिनों फ्रांस और अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले से लेकर सुनामी, फुकुशिमा हादसे और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के सामने आने की भविष्यवाणियां की थीं, जो सच निकलीं।
वेंगा ने 50 साल में करीब 100 भविष्यवाणियां कीं। इनमें से ज्यादातर सच साबित हुईं। इनकी कई भविष्यवाणियां क्लाइमेट और नेचुरल डिजास्टर से संबंधित थीं। हालांकि उन्होंने राजनीतिक और धार्मिक घटनक्रमों की भविष्यवाणियां भी की है। 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले और 2004 में सुनामी आदि की भविष्यवाणी की थी।
 
 
बराक ओबामा होगा अमेरिका का अंतिम राष्ट्रपति : उक्त सभी भविष्यवाणियों के बीच वर्तमान घटनाक्रम में बाबा वेंगा ने 2016 में यूरोप पर मुस्लिम आतंकियों के हमले की भविष्यवाणी भी की थी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया था कि 2010 में मीडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू हो जाएंगे और अफ्रीकी अमेरिकी मूल का अश्वेत व्यक्ति अमेरिका का 44वां राष्ट्रपति बनेगा। इस दौरान अरब में क्रांतिकारी परिवर्तन होंगे। यह राष्ट्रपति अमेरिका का अंतिम राष्ट्रपति होगा। यही एक वाक्य है जिसके चलते यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अब अमेरिका तबाह होगा?
 
योरप के बारे में भविष्यवाणी : 2016 में यूरोप इस्लामी उग्रवादियों के हमले का सामना करेगा। संघर्ष ऐसा होगा कि यूरोप को जानमाल का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। विनाश का ये अभियान कई सालों तक चलेगा और पूरा महाद्वीप तकरीबन खाली हो जाएगा। 2025 तक यूरोप की आबादी करीब-करीब शून्य हो जाएगी। 2043 तक यूरोप में पूरी तरह से इस्लामिक खिलाफत कायम हो जाएगी। दुनिया की अर्थव्यवस्था मुस्लिम शासन के अधीन होगी। 2066 में एक मस्जिद पर हमला होने के बाद अमेरिका अभूतपूर्व हथियार का इस्तेमाल करेगा। इससे धरती का तापमान अचानक गिर जाएगा।
 
होगा आतंकवादियों का पक्षधर ? :  44वां राष्ट्रपति अश्वेत होगा। वेंगा ने तब ये भी कहा था कि वह अंतिम अमेरिकी राष्ट्रपति होगा। अब उनकी भविष्यवाणी से अंदेशा लगाया जा रहा है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में आते ही कुछ विध्वंसक करने जा रहे हैं या कि वे आतंकवादियों के पक्ष में फैसले लेकर देश को बर्बाद करने जा रहे हैं।
 
जानकार कहते हैं कि ट्रंप ने बेशक अपनी चुनावी मुहिम में मुसलमान विरोधी बयान दिए, लेकिन चुनावी मुहिम और सत्ता में आने के बाद अपनाई जाने वाली रणनीति में फर्क होता है। ओबामा ने राष्ट्रपति बनने से पहले पाकिस्तान के बारे में कितनी अच्छी-अच्छी बातें कहीं थी, लेकिन जब सत्ता मिली, तो पूरी तरह पलट गए और उन्होंने पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ जमकर मुहिम चलाई। हालांकि यह भी सही है कि ओबामा के शासनकाल में भले ही ओसामा बिन लादेना मारा गया है लेकिन उन्हीं के शासन काल में अल कायदा और ओसामा से भी बड़ा आतंकवादी संगठन और आतंकवादी अल बगदादी पैदा हो गया। आगे क्लिक करें : डोनाल्ड ट्रंप का जन्म हुआ था पाकिस्तान में?
 
पाकिस्तान में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने को लेकर एक ओर जहां चिंता का माहौल है। वहीं, सोशल मीडिया पर यह अफवाह भी चल रही है कि डॉनल्ड ट्रंप का जन्म अमेरिका में नहीं, पाकिस्तान में हुआ था। सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा है कि ट्रंप अमेरिका में नहीं बल्कि पाकिस्तान में पैदा हुए थे और उनका असली नाम दाउद इब्राहिम खान है। 
 
पाकिस्तानी सोशल मीडिया में तो यहां तक कहा जा रहा है कि उन्होंने शुरुआती शिक्षा दक्षिणी वजीरिस्तान में हासिल की थी। फिर वो अमेरिका कैसे पहुंचे, इसकी भी कहानियां बताई जा रही हैं। और भी कई बातें कही जा रही हैं। वैसे डॉनल्ड ट्रंप की जीत लेकर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, उससे लगता है कि ये दुनिया के लिए किसी सदमे से कम नहीं है।
 
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