ताज महल या ममी महल?

Last Updated: गुरुवार, 19 जनवरी 2017 (14:15 IST)
- अफसर अहमद   के बारे में कई तरह के मत पढ़ने को मिलते हैं। यमुना नदी के किनारे सफेद पत्थरों से निर्मित अलौकिक सुंदरता की तस्वीर 'ताजमहल' न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में अपनी पहचान बना चुका है। ताजमहल को दुनिया के सात आश्चर्यों में शामिल किया गया है। हालांकि इस बात को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं कि ताजमहल को शाहजहां ने बनवाया है या फिर किसी और ने। प्रसिद्ध शोधकर्ता और इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक ने अपनी शोधपूर्ण पुस्तक 'उर्फ ताजमहल' में इसे शिव मंदिर घोषित किया है जो विशालकाय महल क्षेत्र में था। लेकिन लेखक अफसर अहमद का एक दृष्टिकोण यह भी है... नीचे पढ़ें...   
मुमताज की वसीयत : मृत्युशैया पर लेटी मुमताज से बादशाह शाहजहां ने जो वादे किए थे, उन्हें शब्दश: पूरा किया। उसकी चहेती बेटी जहांआरा बेगम का काफी खयाल रखा गया। घर की सारी चीजें उसकी निगरानी में दे दी गईं। उसकी मां को मिलने वाला सालाना खर्च 6 लाख रुपए के खर्च में 4 लाख रुपए बढ़ाकर जहांआरा को दिए गए। जिसमें आधी रकम नकद व आधी जागीर की शक्ल के रूप में अदा की गई। मुमताज महल के प्रमुख देखभालकर्ता (स्वीवर्ड) को जहांआरा के दीवान का ओहदा दिया गया। सती उन निसा की घर देखभाल की जिम्मेदारी को बरकरार रखा गया। साथ ही मुमताज के पास रही शाही मोहर भी सती उन निसा को दे दी गई।
 
 
ताजमहल का निर्माण : इस आलीशान इमारत के इस शान-शौकत से बनने-होने की निम्नलिखित वजहें हैं- 
(अ) पहली तो यह कि कुछ इतिहासकारों ने लिखा है कि मुमताज महल ने मौत के वक्त शाहजहां को वसीयत की थी कि मेरे बाद मेरे दफन पर एक ऐसी आलीशान इमारत बने, जो बेमिसाल हो। इसलिए उसी वसीयत का असर था कि शाहजहां ने इसको एक बेहतरीन अंदाज के साथ बनवाया और उसके बनाने में इस कदर मेहनत की।
 
(ब) दूसरी यह कि शाहजहां को स्वयं ये विचार आया कि मेरी प्यारी बेगम का मकबरा दुनिया में बेमिसाल हो, क्योंकि उसको अपनी बेगम मुमताज महल से हद दर्जे की दिली मुहब्बत थी जिसके इजहार की गर्ज से उसने यह लाजवाब यादगार मकबरा बनवाया ताकि सदियों तक यह नायाब यादगार कायम रहे और उसी के साथ मुमताज महल का नाम कयामत तक बना रहे। 
 
(स) हकीकत यह है कि शाहजहां खुद फितरतन शानदार इमारतें बनाने का शौकीन था। यह इमारत जो बाकी शाहजहां की इमारतों से कहीं बेहतर है तो उसकी वजह यह है कि ये वो इमारत है, जो सबसे पहले उसने तामीर कराई। जिस वक्त उसका दौर चरम पर था, इस पर मुमताज महल के इश्क व मुहब्बत ने उसके फितरती शौक को और बढ़ा दिया। उस जमाने में खजाना शाही भरा हुआ था और किसी बड़ी लड़ाई में वो नहीं उलझा हुआ था। इसका लाजिमी नतीजा ये हुआ कि ये इमारत ऐसी बनी, जो पूरी दुनिया में अपनी मिसाल आप है।
 
शाहजहां ने अजूबी इमारत के निर्माण के लिए अपने दरबार में जाने-माने वास्तुविदों, निर्माणकर्ताओं और कलाकार को न सिर्फ देशभर से बुलाया बल्कि पर्सिया, अरब और तुर्की से भी बुलाया। उस्ताद ईसा आफंदी ने नक्शा बनाने का काम किया, जबकि अमानत खान शिराजी को अक्षर उकेरने का काम मिला। दोनों को 1,000 रुपया महीने की तनख्वाह पर रखा गया। गुंबद तैयार करने वाले तुर्की के इस्माइल खान को महीने में 500 रुपए की तनख्‍वाह मिलती थी। कलश बनाने वाले लाहौर के कासिम खान को 200 रुपए महीने की तनख्वाह पर रखा गया। पूरी इमारत की जिम्मेदारी अकबराबाद यानी आगरा के हनीफ खान के पास थी। मनोहर लाल, मन्नू लाल और मोहन लाल, जो पच्चीकारी करते थे, उन्हें 500 रुपए महीने की तनख्‍वाह दी गई। स‍ंक्षिप्त में एशिया में मौजूद बेहतरीन लोगों की सेवा इस काम में ली गई। 
 
कारीगरों की संख्या : ताज का नक्शा बनाने की जिम्मेदारी उस्ताद मुहम्मद ईसा आफंदी के जिम्मे थी, जो 1,000 रुपए वेतन पाते थे। इसी वेतन पर 4 और लोग थे। 38 आला (बड़े) कारीगरों में से 2 नक्शा बनाने वाले, एक तुगरा बनाने वाले, एक गुंबद बनाने वाला, 17 पच्चेकार, एक कलश बनाने वाला, एक रंगसाज, 4 फूल बनाने वाले और एक अरब का कारीगर, जो विभिन्न कलाओं में पारंगत था, शामिल थे। इन कारीगरों की तनख्‍वाह 200 रुपए से 1,000 तक थी। इनके अलावा बेशुमार मजदूर और कारीगर जिनकी संख्या 20 हजार के करीब थी, ताजमहल को बनाने में लगे। जिनकी कोशिश और मेहनत से ये तकरीबन 20 साल में तैयार हुआ। मुकर्रमत खान व मीर अब्दुल करीम पर निर्माण कराने की जिम्मेदारी थी।
 
मजदूरों से सुलूक : कुछ यूरोपियन इतिहासकारों ने यह कहा है कि ताजमहल के निर्माण के समय कलाकारों और मजदूरों की माली हालत बहुत खराब थी और उनके साथ खराब बर्ताव किया गया। यह सोच सही नहीं है, क्योंकि इतिहास साफ बताता है कि ताज बनाने में लगे लोगों को उस जमाने के लिहाज से बहुत ज्यादा वेतन दिया गया। शाहजहां खुद नियम-कायदों को बहुत मानने वाला था। निर्माण के मौकों पर उसकी रुचि और जानकारी व नजर रखने की कोई सीमा नहीं थी। खजाना भी भरा था। जैसा कि आरोप लगाए जाते हैं कि मजदूर परेशानियों में थे। अगर ऐसा है तो क्या वजह है कि वे यहां ठहरे। हालात अगर मुनासिब नहीं थे तो होना यह चाहिए था कि वो अपने घरों को चले जाते। अगर शाहजहां का जोर था तो हिन्दुस्तानियों पर था, बनिस्बत दीगर मुल्क के दस्तकारों के जो दूसरे मुल्क (देश) से बुलाए गए थे, क्या जोर था। शाहजहां के फरमान के मुताबिक तमाम नक्शा बनाने वालों ने इमारत के उम्दा और नफीस नक्शे तैयार करके पेश किए, लेकिन कोई भी नक्शा बादशाह को पसंद नहीं आया। आखिरकार एक नक्शा, जिसको मुहम्मद ईसा आफंदी ने तैयार किया था, बादशाह को पसंद आया। फौरन एक मकबरे की तैयारी का हुक्म फरमाया। 1040 हिजरी, 1631 ईसवी में यानी उसी साल जिस साल मुमताज महल का इंतकाल हुआ, मकबरे का निर्माण शुरू हो गया।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

हैंडसम, बॉडीबिल्डर SP की फिटनेस पर आ गया दिल

हैंडसम, बॉडीबिल्डर SP की फिटनेस पर आ गया दिल
उज्जैन। सोशल मीडिया पर उज्जैन के पुलिस अधिक्षक सचिन अतुलकर की फैन फॉलोइंग जबरदस्त है। ...

क्या मोबाइल पर गेम खेलने वाला हर शख्स बीमार है?

क्या मोबाइल पर गेम खेलने वाला हर शख्स बीमार है?
साढ़े चार साल की सनाया (बदला हुआ नाम) सुबह ब्रश करने से लेकर नाश्ता करने और प्ले स्कूल ...

नौकरी की तलाश है तो यह 10 बहुत सरल और सुरक्षित टोटके आजमाएं

नौकरी की तलाश है तो यह 10 बहुत सरल और सुरक्षित टोटके आजमाएं
नौकरी हर इंसान की जरूरत है। लेकिन कई प्रयासों के बाद भी जब नौकरी न मिले तो स्वाभाविक रूप ...

सूर्य आए मिथुन में, यह 3 राशियां हैं खतरे में.. सावधानी ...

सूर्य आए मिथुन में, यह 3 राशियां हैं खतरे में.. सावधानी बरतें
सूर्य ने वृष राशि से मिथुन में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के राशि बदलते ही समस्त राशियों पर ...

मारुति का दबदबा कायम, भारत में बिकने वाले 10 में से 7 मॉडल ...

मारुति का दबदबा कायम, भारत में बिकने वाले 10 में से 7 मॉडल मारुति के
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का घरेलू यात्री वाहन बाजार पर ...

5 दिन में 750 करोड़ रुपए जमा कराए जाने को लेकर राहुल का ...

5 दिन में 750 करोड़ रुपए जमा कराए जाने को लेकर राहुल का अमित शाह पर निशाना
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अहमदाबाद जिला को-ऑपरेटिव बैंक में नोटबंदी के ...

पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की मृत्यु से संबंधित ...

पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की मृत्यु से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया जाए
चंडीगढ़। पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के पुत्र और कांग्रेस नेता अनिल शास्त्री ने ...

आधार की बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल आपराधिक जांच में ...

आधार की बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल आपराधिक जांच में नहीं किया जा सकता
नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुक्रवार को कहा कि आधार अधिनियम ...

लंदन के मैडम तुसाद म्यूजियम में लगेगी योग गुरु बाबा रामदेव ...

लंदन के मैडम तुसाद म्यूजियम में लगेगी योग गुरु बाबा रामदेव की प्रतिकृति
लंदन। लंदन के ऐतिहासिक मैडम तुसाद म्यूजियम में योग गुरु स्वामी रामदेव की भी मोम की ...

भाजयुमो की रैली में बना यातायात नियमों का मजाक

भाजयुमो की रैली में बना यातायात नियमों का मजाक
खंडवा। खंडवा में भाजयुमो की युवा संकल्प अभियान रैली में यातायात नियमों का मजाक उड़ता ...

Xiaomi ने लांच‍ किया Redmi y2, 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा

Xiaomi ने लांच‍ किया Redmi y2, 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा
शिओमी ने अपना स्मार्ट फोन Redmi y2 भारत में लांच कर दिया है। एक इंवेंट में इस फोन को लांच ...

दोबारा घटे सैमसंग के इस स्मार्ट फोन के दाम, 2000 रुपए हुआ ...

दोबारा घटे सैमसंग के इस स्मार्ट फोन के दाम, 2000 रुपए हुआ सस्ता
सैमसंग ने गैलेक्सी जे 7 प्रो की कीमत में दोबारा कटौती की है। फोन में 2,000 रुपए की कटौती ...

भारत में शुरू हुई नोकिया के इस सस्ते फोन की बिक्री, जानिए ...

भारत में शुरू हुई नोकिया के इस सस्ते फोन की बिक्री, जानिए फीचर्स
नोकिया का Nokia 8110 4G 'Banana' भारत में बिक्री के उपलब्ध हो गया है। नोकिया ने इसे ...

Xiaomi Mi 8 SE: दुनिया का पहला स्मार्टफोन जिसमें लगा है ...

Xiaomi Mi 8 SE: दुनिया का पहला स्मार्टफोन जिसमें लगा है शक्तिशाली स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर, कीमत जानकर उछल जाएंगे!
चीनी कंपनी शाओमी ने शुक्रवार को चीन में स्मार्टफोन मी 8 का एक छोटा वेरियंट लॉन्च किया। यह ...

बेहतरीन फीचर्स के साथ नोकिया ने लांच किए तीन सस्ते फोन

बेहतरीन फीचर्स के साथ नोकिया ने लांच किए तीन सस्ते फोन
नोकिया मिड रेंज सेक्शन में वापसी की लगातार कोशिश कर रहा है। एचएमडी ग्लोबल तीन स्मार्ट फोन ...