होली विशेष : होली की 2 कविताएं...


होली रचनाएं : सेदोका और में... 5 7 7 5 7 7 ( षट्पदी कुल 38 वर्ण)>  
 
ब्रज की बाला
कान्हा ने रंग डाला
उमड़ा ब्रज गांव
उड़ा गुलाल
मस्तीभरी उमंग
सतरंगी चेहरे।
 
चुनरी लाल
कुमकुम केसर
होंठ रंगे गुलाबी
फागुन आया
मधुवन महका
लाल टेसू दहका।
 
होली आई रे
बौराई अमराई
भगोरिया नचाई
पलाशी रंग
साजन बरजोरी
चोली रंग भिगोई।
 
 

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