पर्यावरण पर हिन्दी निबंध


शब्द का निर्माण दो शब्दों परि और आवरण से मिलकर बना है, जिसमें परि का मतलब है हमारे आसपास अर्थात
जो हमारे चारों ओर है, और "आवरण" जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। पर्यावरण उन सभी भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों की कुल इकाई है जो किसी जीवधारी अथवा पारितंत्रीय आबादी को प्रभावित करते हैं तथा उनके रूप, जीवन और जीविता को तय करते हैं।

पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर कीड़े-मकोड़े, सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधों के अलावा उनसे जुड़ी सारी जैव क्रियाएं और प्रक्रियाएं भी शामिल हैं । जबकि पर्यावरण के अजैविक संघटकों में निर्जीव तत्व और उनसे जुड़ी प्रक्रियाएं आती हैं, जैसे: पर्वत, चट्टानें, नदी, हवा और जलवायु के तत्व इत्यादि।

सामान्य अर्थों में यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं से मिलकर बनी इकाई है। यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी पर निर्भर करती और संपादित होती हैं। मनुष्यों द्वारा की जाने वाली समस्त क्रियाएं प र्यावरण को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं। इस प्रकार किसी जीव और पर्यावरण के बीच का संबंध भी होता है,
जो कि अन्योन्याश्रि‍त है।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

ग़ज़ल : दर पे खड़ा मुलाकात को...

ग़ज़ल : दर पे खड़ा मुलाकात को...
दर पे खड़ा मुलाकात को तुम आती भी नहीं, शायद मेरी आवाज़ तुम तक जाती भी नहीं।

घर को कैंडल्स से ऐसे सजाएं

घर को कैंडल्स से ऐसे सजाएं
जब भी घर, कमरा या टेबल सजाने की बात आती है तब कैंडल्स का जिक्र न हो, ऐसा शायद ही हो सकता ...

अपना आंगन यूं सजाएं फूलों की रंगोली से...

अपना आंगन यूं सजाएं फूलों की रंगोली से...
रंगोली केवल व्रत-त्योहार पर ही नहीं बनाई जाती, बल्कि इसे घर के बाहर व अंदर हमेशा ही बनाया ...

भोजन के बाद भूलकर भी ना करें यह 5 काम, वर्ना सेहत होगी ...

भोजन के बाद भूलकर भी ना करें यह 5 काम, वर्ना सेहत होगी बर्बाद
आइए जानें कि 5 कौन से ऐसे काम हैं जो भोजन के तुरंत बाद नहीं करना चाहिए ....

बाल गीत : बनकर फूल हमें खिलना है...

बाल गीत : बनकर फूल हमें खिलना है...
आसमान में उड़े बहुत हैं, सागर तल से जुड़े बहुत हैं। किंतु समय अब फिर आया है, हमको धरती चलना ...

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?
भले ही आप चेहरे से कितनी ही खूबसूरत क्यों न हों, देखने वालों की नजर कुछ ही मिनटों में ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास जानकारी
आकाश में न तो कोई बिच्छू है और न कोई शेर, पहचानने की सुविधा के लिए तारा समूहों की आकृति ...

पारंपरिक टेस्टी-टेस्टी आम का मीठा अचार कैसे बनाएं, पढ़ें ...

पारंपरिक टेस्टी-टेस्टी आम का मीठा अचार कैसे बनाएं, पढ़ें आसान विधि
सबसे पहले सभी कैरी को छीलकर उसकी गुठली निकाल लीजिए। अब उसके बड़े-बड़े टुकड़े कर लीजिए।

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...
भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चन्द्रमा, बुध, शुक्र, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, जानिए कैसे
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड 360 अंशों में विभाजित है। इसमें 12 राशियों में से प्रत्येक राशि के 30 ...