रुकिए, मत खाइए चाय के साथ मीठे बिस्किट ....


के साथ चार-पांच खा रहे हैं? सावधान.... क्या आपको पता है कि ये आपके दांतों के स्वास्थ्य को बिगाड़ सकते हैं? हर बार खाना खाने के बाद यदि आपको है तो आप धीरे-धीरे इसके एडिक्ट हो जाते हैं। 'लिक-द शुगर हैबिट' पुस्तक की लेखिका नैंसी एपलटन के अनुसार ज्यादा चीनी के सेवन से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। शरीर में खनिज लवणों का स्तर असंतुलित होता है।

यह हाइपर एक्टीविटी का कारण बनता है। इंद्रप्रस्थ-अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली में चिकित्सक अम्बरीश मित्तल के अनुसार, 'हम जो कुछ भी खाते हैं सबमें शुगर होती है। आजकल के खाद्य पदार्थों में तो यह ज्यादा मात्रा में पाई जाती है। इनका सेवन हमें धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की ओर ले जाता है।

झुर्रियां पड़ना
मुंहासों की समस्या सिर्फ तीन ग्रुप के लोगों में ही नहीं होती। झुर्रियां केवल उम्रदराज लोगों के चेहरे पर ही नहीं पड़ती। खानपान की गलत आदतों के चलते मुंहासे व चेहरे पर जल्दी झुर्रियां पड़ना आजकल आम बात है। रिफाइंड शुगर में कोई पौष्टिक तत्व नहीं होता। इससे त्वचा पर जल्दी झुर्रियां पड़ती हैं।

भोजन में कम शुगर और वसायुक्त चीजों का इस्तेमाल हमारी पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। पोषक तत्वों से भरपूर खाना न केवल हमें स्वस्थ रखता है बल्कि इससे हमारी त्वचा भी कांतिमय बनी रहती है।

दंत क्षति- दांतों का जल्दी गिरना, दांतों में छेद होना, मुंह में बैक्टीरिया पैदा होना और उससे दांतों संबंधी बीमारियां हो जाना भी मीठे से होने वाला बड़ा नुकसान है।
दांतों में दर्द रहना, दांतों का बदरंग होना, उन पर धब्बे पड़ना ये सभी इसकी वजह हो सकती है। शकर में मौजूद सुक्रोज दंत क्षति का कारण बन सकती है। मीठी चीजें खाने से दांतों के स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है।

भोजन में शुगर की मात्रा ज्यादा लेने से न केवल मोटापा बढ़ता है बल्कि इंसुलिन की मात्रा भी शरीर में बढ़ने लगती है। ज्यादा शुगर लेने से रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है और रक्त शिराओं में इंसुलिन का दबाव बढ़ जाता है। आमतौर पर शुगर को एक एडिक्टिव ड्रग माना जाता है।


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