रोचक जानकारी : ऐसे बनती है दियासलाई


- परिधि जैन
 
मोम लगे कागज या दफ्ती से बनाई जाती है। इनके एक सिरे पर कुछ जलने वाले पदार्थों का मिश्रण लगा होता है। 
 
ने में किया था। इसे लकड़ी के टुकड़े पर गोंद, स्टार्च, एंटीमनी सल्फाइड, पोटैशियम क्लोरेट लगाकर बनाया गया था। पर यह सुरक्षित नहीं थी। सुरक्षित दियासलाई 1844 में स्वीडन के ई. पोश्च द्वारा बनाई गई थी।
 
आज दियासलाई मुख्‍य रूप से दो तरह की होती है। 
 
पहले तरह की मा‍चिस को कहते हैं। इसे किसी खुरदुरी सतह पर रगड़कर आग पैदा की जा सकती है।
 
सबसे पहले लकड़ी की तीली के एक-चौथाई भाग को पिघले हुए मोम या गंधक में डुबोया जाता है। फिर उस पर का मिश्रण लगाया जाता है। उसके ऊपर एंटीमनी ट्राइसल्फाइड और पोटेशियम क्लोरेट का मिश्रण लगाया जाता है। घर्षण हो, इसके लिए इस मिश्रण में कांच का चूरा या बालू मिला दिया जाता है। जब तक सफेद हिस्सा नहीं रगड़ा जाए या आग न पकड़े, तब नीला हिस्सा नहीं जलता। इसी पदार्थ द्वारा तीली के दूसरे हिस्सों में भी आग पहुंचती है। 
 
इस प्रक्रिया द्वारा बनाई गईं तीलियां बहुत जल्दी आग पकड़ती हैं।
 
सुरक्षित दियासलाई दूसरी किस्म की दियासलाई है। यह दियासलाई की डिब्बी पर लगे रसायन की रगड़ खाकर ही जलती है। सुरक्षित दियासलाई का निर्माण ऊपर दी गई प्रक्रिया के अनुसार ही होता है। बस इसमें फॉस्फोरस ट्राइसल्फाइड का प्रयोग नहीं किया जाता है। उसकी जगह पर इसमें लगे लाल फॉस्फोरस लगाया जाता है। इसमें खासियत यह होती है कि बिना रगड़े दियासलाई में आग पैदा नहीं होती। हमारे घरों में इन्हीं दियासलाइयों का उपयोग होता है।  > साभार- देवपुत्र 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

इसलिए जरूरी है बच्चों का मुंडन संस्कार, पढ़ें 5 जरूरी बातें

इसलिए जरूरी है बच्चों का मुंडन संस्कार, पढ़ें 5 जरूरी बातें
मुंडन संस्कार के बारे में मान्यता है कि इससे शिशु का मस्तिष्क और बुद्धि दोनों ही पुष्ट ...

दूध नहीं पीते हैं मोटे होने के डर से तो यह 4 स्वादिष्ट ...

दूध नहीं पीते हैं मोटे होने के डर से तो यह 4 स्वादिष्ट विकल्प हैं आपके लिए
अगर आप वजन को बढ़ने से रोकना चाहते हैं और हेल्थ से किसी तरह के समझौते को तैयार नहीं तो ...

हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मानते हैं मोर ...

हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मानते हैं मोर पंखों को शुभ, पढ़ें 10 चौंकाने वाली बातें
मोर, मयूर, पिकॉक कितने खूबसूरत नाम है इस सुंदर से पक्षी के। जितना खूबसूरत यह दिखता है ...

अजी अंडा छोड़िए, इन 5 शाकाहारी चीजों में है भरपूर प्रोटीन

अजी अंडा छोड़िए, इन 5 शाकाहारी चीजों में है भरपूर प्रोटीन
हाल ही में पोलैंड की पशु चिकित्सा सेवा ने करीब 40 लाख अंडों को बाजार से हटा लिया है। ये ...

तुरंत फेंक दे अपना पुराना लूफाह वर्ना संक्रमण का है खतरा

तुरंत फेंक दे अपना पुराना लूफाह वर्ना संक्रमण का है खतरा
नहाते हुए अपने शरीर की वह त्वचा व हिस्सा, जो केवल साबुन से साफ नहीं हो पाता, उसकी सफाई के ...

योगा दिवस पर हिन्दी गीत : सेहत का शुभ संयोग हो

योगा दिवस पर हिन्दी गीत : सेहत का शुभ संयोग हो
सेहत का शुभ संयोग हो प्रकृति का सहयोग हो स्वस्थ सारे लोग हो.... योग हो... योग हो

नियमित योग से पाएं ये 6 बेहतरीन लाभ

नियमित योग से पाएं ये 6 बेहतरीन लाभ
21 जून की तारीख पूरे विशव में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के नाम से दर्ज हो गई है। योग हमेशा ...

योग दिवस पर कविता : योग से सुंदर बनें

योग दिवस पर कविता :  योग से सुंदर बनें
योग से मन स्वच्छ हो योग से तन स्वस्थ हो योग पर ना धन खर्च हो योग करें हम योग करें

ज्यादा कॉफी पीने से बच्चों को होते हैं ये 5 नुकसान

ज्यादा कॉफी पीने से बच्चों को होते हैं ये 5 नुकसान
कॉफी पीना आजकल हर उम्र के बच्चों की पसंद बन गया है। कई बच्चे ऐसे हैं, जो चाय व दूध के ...

लाल किताब में दिए हैं 12 राशि के अनोखे उपाय, पढ़ें क्या है ...

लाल किताब में दिए हैं 12 राशि के अनोखे उपाय, पढ़ें क्या है आपकी राशि का उपाय
किसी से कोई वस्तु मुफ्त में न लें। लाल रंग का रूमाल हमेशा प्रयोग करें।लाल किताब के ...