हिन्दुत्व और विकास मेरा एजेंडा-योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 8 मई 2014 (14:09 IST)
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नई दिल्ली। भाजपा ने भले ही इस चुनाव में विकास को के मसले पर तरजीह दी हो लेकिन गोरखपुर से लगातार 4 बार जीत चुके उसके प्रत्याशी को हिन्दुत्व के एजेंडे पर ही जीत का यकीन है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे हिन्दू-मुसलमान को बांटकर वोट नहीं मांग रहे।

मात्र 26 बरस की उम्र में 1998 में पहली मर्तबा लोकसभा का चुनाव जीतने वाले योगी आदित्यनाथ गोरक्षनाथ मठ के महंत हैं और 1999, 2004 और 2009 में भी गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।

पिछली बार उनकी जीत का अंतर 1,42,309 वोट का था और उन्हें इसमें इजाफे का यकीन है। इस बार उनका सामना बसपा के रामभुआल निषाद, सपा के राजमति निषाद, कांग्रेस के अष्टभुज तिवारी और 'आप' के प्रो. राधेमोहन मिश्रा से है।
आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे देश में राजनीतिज्ञों के सामने सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का है, क्योंकि उनका जनता से संवाद नहीं है। गोरखपुर में ऐसा नहीं है और मैंने पहला चुनाव जिन मुद्दों और विचारधारा पर लड़ा, आज भी उन्हीं पर काम कर रहा हूं। ऐसा नहीं है कि भाषण में कुछ और कहूं और बाद में काम कुछ और करूं। उन्होंने कहा कि वे हिन्दुत्व और विकास के मुद्दों पर आज भी कायम हैं।
उनके अनुसार, मेरा मुद्दा हिन्दुत्व और विकास का है, जो एक-दूसरे के पूरक हैं। हिन्दुत्व इस देश में विकास और सुरक्षा की गारंटी है और भाजपा का भी नारा सभी का विकास और सबका साथ है।

भाजपा के गढ़ रहे गोरखपुर में आदित्यनाथ से पहले महंत अवैद्यनाथ ने 1989, 1991 और 1996 में चुनाव जीता था। कांग्रेस ने आखिरी बार यह सीट 1984 में जीती थी, जब शीला कौल यहां से चुनी गई थीं।

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