वाराणसी में अजय राय को हराने की मुहिम

वाराणसी| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 3 मई 2014 (16:54 IST)
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वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बहुचर्चित विधायक रहे कृष्णानंद राय की पत्नी ने पर पति की हत्या के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की मुहिम शुरू कर दी।

वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी और दिवंगत कृष्णानंद राय अत्यंत नजदीकी थे और दोनों में पारिवारिक रिश्ते इस कदर थे कि कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णानंद राय को अपना बडा भाई मानते थे।

कृष्णानंद राय की हत्या के बाद अजय राय ने बहुचर्चित विधायक मुख्तार अंसारी के साथ ही हत्या के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन तक चलाया था।
अलका राय ने शनिवार को यहां कहा कि उनके पति की हत्या सन् 2005 में हुई थी और उसमें मुख्तार अंसारी तथा उनके 4-5 साथी नामजद हैं। अजय राय को मुख्तार अंसारी से समर्थन दिलवाकर कांग्रेस उनके पति के हत्यारोपियों को मदद पहुंचा रही है।

उनका कहना था कि कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय उनके परिवार के ही हैं लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उन्होंने भी हत्या के आरोपियों से चुनाव में समर्थन ले लिया। उनका कहना था कि इससे यह साबित होता है कि राजनीतिक लाभ के लिए कोई किसी से भी मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि अजय राय भले ही उनके परिवार के हों, लेकिन वे अब यहां से नरेन्द्र मोदी को जिताने में जी-जान से लगेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने से उनके पति के हत्यारों को जरूर सजा मिलेगी।

गौरतलब है कि सन् 2005 में भाजपा के बाहुबली विधायक रहे कृष्णानंद राय की गाजीपुर जिले में हत्या कर दी गई थी। उनके साथ 4 और लोग मारे गए थे। उनकी हत्या के विरोध और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने वाराणसी में 15 दिनों तक धरना दिया था। (वार्ता)


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