मोदी से क्यों नाराज हैं शहीद विक्रम बत्रा का परिवार...

FILE

बत्रा के गृहनगर पालमपुर, मंडी और सोलन में अपनी रैलियों में मोदी ने लोगों से जुड़ने का प्रयास करते हुए दिवंगत कैप्टन विक्रम बत्रा के नाम और उनके नारे ‘ये दिल मांगे मोर’ का इस्तेमाल किया। कारगिल युद्ध में शहीद होने से पहले कैप्टन बत्रा ने विज्ञापन नारा ‘ए दिल मांगे मोर’ कहा था।

लेकिन इस नारे के उपयोग ने बत्रा के माता-पिता जी एल बत्रा और कमल कांत बत्रा को नाराज कर दिया है और उन्होंने कहा कि उनके (बेटे के) नाम पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

पालमपुर| भाषा|
पालमपुर। कारगिल के शहीद विक्रम बत्रा के परिवार ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी द्वारा बार-बार विक्रम बत्रा का नाम और नारे ‘ये दिल मांगे मोर’ को इस्तेमाल किए जाने पर ऐतराज जताया है।
बत्रा के पिता जीएल बत्रा ने कहा ‍कि मेरी पत्नी कमल कांत बत्रा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में आम आदमी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं लेकिन हमने कभी अपने बेटे के नाम का इस्तेमाल नहीं किया। (भाषा)

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :