दूसरी पारी पर टिकीं कैफ की निगाहें

FILE

कांग्रेस उम्मीदवार राम पूजन पटेल ने 1984 में इस सीट से पार्टी को जीत दिलाई थी लेकिन पिछले 7 लोकसभा चुनावों से पार्टी को यहां हार का मुंह देखना पड़ा है।

कांग्रेस ने इस बार इस सीट से कैफ को खड़ा करके सभी को हैरान कर दिया है। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1952 में लोकसभा में इसी सीट का प्रतिनिधित्व किया था।

33 वर्षीय कैफ ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि मैं एक क्रिकेटर के तौर पर गेंद देखकर अपने शॉट पर ध्यान केंद्रित करूंगा। दूसरे लोग क्या कर रहे हैं, मैं इस बात पर ध्यान नहीं देता हूं।

उन्होंने कहा कि मैं कई स्थानों का दौरा कर रहा हूं और युवा मुझसे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं, क्योंकि वे मुझे टीम इंडिया के एक खिलाड़ी के रूप में पहचानते हैं। मैंने के मैदान में ईमानदारी और प्रतिबद्धता से अपने देश के लिए जो किया है, मैं वही राजनीति के मैदान में भी करूंगा, जो कि मेरी दूसरी पारी है।

7 मई को इस सीट के लिए होने वाले में कैफ के सामने भाजपा के केशव प्रसाद मौर्य, 'आप' उम्मीदवार शिमाला श्री, बसपा के वर्तमान सांसद कपिल मुनि करवरिया और सपा उम्मीदवार एवं पूर्व मंत्री धर्मराज सिंह पटेल जैसे उम्मीदवारों की चुनौती है।

लॉर्ड्स में 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नैट-वेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में 75 गेंदों में नाबाद 87 रन बनाकर भारतीय टीम के नायक रहे कैफ ने कहा कि वे अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के अनुभव को लेकर चिंतित नहीं हैं और उनका राहुल गांधी की कप्तानी पर पूरा भरोसा है जिसे वे सौरव गांगुली की कप्तानी के समान समझते हैं।

कैफ ने कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व सौरव गांगुली की तरह है। दोनों में विचारों की स्पष्टता है और वे युवाओं को प्रोत्साहित करते हैं। वे मिलकर काम करने पर भरोसा करते हैं और अन्य लोगों को आगे बढ़ने का मौका देते हैं। युवी, भज्जी, सहवाग और मैं- हम सभी ने दादा की कप्तानी में अच्छा प्रदर्शन किया। राहुल गांधी के बारे में भी ऐसा ही कहा जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेटर के तौर उनकी लोकप्रियता से उन्हें मतदाताओं खासकर युवाओं से जुड़ने में मदद मिल रही है।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट की पृष्ठभूमि से मुझे काफी मदद मिल रही है। भारतीय टीम के एक खिलाड़ी के रूप में लोग आपकी जाति या धर्म के बारे में नहीं, बल्कि आपके प्रदर्शन के बारे में बात करते हैं। राजनीति में भी प्रदर्शन और यह मायने रखता है कि आप असल मुद्दों से कैसे निपटेंगे? मुझे भरोसा है कि लोग जाति से आगे बढ़कर मुझे अपना मत देंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कैफ को इस सीट पर 3 लाख से अधिक मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन मिल सकता है। इस सीट पर कुल करीब 17 लाख मतदाता हैं।

कैफ ने कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक अच्छी टीम में हैं। मैं क्रिकेट में भी गांगुली, द्रविड़ और सचिन जैसे खिलाड़ियों के साथ एक अच्छी टीम में था। मैं अब अपने देश के लिए एक नई पारी खेल रहा हूं।

कैफ ने दूसरी पारी को आक्रामक अंदाज में खेलने की इच्छा जताते हुए कहा कि मैं आक्रामक होकर खेलूंगा। यह एक लंबी प्रक्रिया है और इसका कोई छोटा रास्ता नहीं है। आपको अपनी टीम को समझना होगा और उसके साथ काम करना होगा। यही मेरा लक्ष्य है। यहां के लोग चाहते हैं कि मैं फूलपुर की बेहतरी के लिए एक कप्तान की तरह सोचूं।

उन्होंने आरोप लगाया कि फूलपुर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने असल मुद्दों को नजरअंदाज करने के लिए अन्य पार्टियों को जिम्मेदार ठहराया।

फूलपुर| भाषा|
फूलपुर। पिछले 3 दशक से सीट पर जीत के लिए तरस रही कांग्रेस को जिताने की मुश्किल जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने वाले टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज को उम्मीद है कि क्रिकेट, राजनीति के मैदान में उन्हें एक मैच जिताऊ दूसरी पारी जीतने में मदद करेगा।
कैफ ने कहा कि कानपुर के अलावा राज्य में न तो कोई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम है और न ही अच्छे शिक्षा संस्थान हैं। बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने और विकास के मोर्चे पर कुछ भी नहीं किया गया है। कांग्रेस जब सत्ता में थी तो उसने यहां काम किया और कारखाने एवं उद्योग स्थापित किए। (भाषा)


और भी पढ़ें :