कृष्णाबेन से मिली इंदिरा को प्रेरणा
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धैर्यवान हो गई हूँ
धारावाहिक में कृष्णा बेन को विधवा बताया गया है, लेकिन इसके बावजूद वह बिंदी लगाती है। इस बारे में इंदिरा कहती है ‘अब समय बदल रहा है। रियल लाइफ में भी विधवा महिलाएँ इस तरह रहने लगी हैं कि कोई उन्हें देख कह नहीं सकता है कि वे विधवा हैं। कृष्णा इसलिए बिंदी लगाती है क्योंकि उसके बच्चे ऐसा चाहते हैं। मुझे कृष्णाबेन का किरदार निभाते-निभाते उसकी कई बातें पसंद आई हैं। मैं उससे प्रेरणा लेने लगी हूँ। कृष्णा की एक खासियत है कि वह कभी गुस्सा नहीं करती । धैर्य के साथ समस्या का समाधान ढूँढती है। जबकि दूसरी ओर मैं जरा-जरा-सी बातों में परेशान हो जाती थी। आपा खो बैठती थी। लेकिन अब मैंने गुस्से पर काबू करना शुरू कर दिया है। लोगों से किस तरह बातें की जानी चाहिए, ये भी मैंने सीखा है। कृष्णा बेन की तरह रियल लाइफ में भी मैं कुछ करना चाहती हूँ और एक एनजीओ खोलने की दिशा में मैंने कदम बढ़ाए हैं।
अनुराग देते हैं सुझाव
इंदिरा को पहला मौका प्रसिद्ध निर्देशक अनुराग बसु ने धारावाहिक ‘मंजिल अपनी-अपनी’ में दिया था। इसके बाद उन्होंने कुछ और टीवी सीरियल किए। तेरे नाम और तथास्तु जैसी फिल्में भी की। इंदिरा बताती हैं ‘अनुराग से अभी भी मैं संपर्क में हूँ। मेरी एक्टिंग को लेकर वे मुझे अक्सर सुझाव देते हैं।‘
