अमरनाथ की गुफा तक पहुँचने का रास्ता बेहद दुर्गम है। यहाँ तक पहुँचने के लिए काफी कोशिश करनी होती है। रास्ता तय करने के लिए आप हवाई मार्ग का आसान सफर या चढ़ाई का दुर्गम सफर चुन सकते हैं।
यहाँ आने के लिए दर्शनार्थी जम्मू तक रेल से व जम्मू से पहलगाम या बालटाल तक बस एवं चार पहिया वाहन या दो पहिया वाहन से भी पहुँच सकते हैं। कुछ दर्शनार्थी श्रीनगर तक हवाई जहाज में एवं श्रीनगर से बालटाल और बाबा अमरनाथ की गुफा तक हेलिकॉप्टर से भी पहुँच सकते हैं।
यहाँ से आगे पहुँचने के लिए दो रास्ते हैं। पहला- पहलगाम मार्ग से, दूसरा बालटाल मार्ग से। पहलगाम मार्ग से आने के लिए दर्शनार्थियों को जम्मू से चलने के बाद श्रीनगर आने से पहले अनंतनाग शहर की ओर जाना पड़ता है और वहाँ से पहलगाम पहुँचना पड़ता है।
पहलगाम से गुफा तक की दूरी लगभग 51 किलोमीटर है। पहलगाम से चंदनवाड़ी तक 17 किलोमीटर मार्ग पर चार पहिया वाहन जैसे जीप, सूमो, ट्रैक्स इत्यादि चलती हैं। चंदनवाड़ी से चार किलोमीटर की दूरी पर है - पिस्सू टॉप। पिस्सू टॉप की चढ़ाई लगभग एक किलोमीटर है।
यहाँ से शेषनाग झील की दूरी लगभग आठ किलोमीटर है। यहाँ से महागणेश टॉप की चढ़ाई शुरू होती है। यह 6 किलोमीटर के लगभग है। यह इस यात्रा का सबसे ऊँचा स्थान है। यह समुद्र तल से लगभग 14,200 फुट ऊपर है।
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