आखिरकार आदित्य चोपड़ा ने अपना लंबा ब्रेक खत्म किया और आठ वर्ष बाद फिल्म निर्देशित करने की घोषणा की। अपने प्रिय अभिनेता शाहरुख खान को लेकर आदित्य ‘रब ने बना दी जोड़ी’ निर्देशित करने जा रहे हैं।
आज से 13 वर्ष पूर्व आदित्य ने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे’ बनाकर जबरदस्त कामयाबी हासिल की। मुंबई के मराठा मंदिर सिनेमा में आज भी यह फिल्म 642वें सप्ताह में चल रही है और सबसे लंबे समय चलने का रिकॉर्ड इस फिल्म के नाम पर है।
इस फिल्म के बाद आदित्य ने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय को लेकर ‘मोहब्बतें’ बनाई। यह फिल्म भी सफल रही। इसके बाद आदित्य ने यशराज फिल्म्स प्रोडक्शन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया।
वे क्रिएटिव प्रोड्यूसर बन गए और एक साथ कई फिल्मों का निर्माण उन्होंने शुरू कर दिया। पाँच वर्ष में एक फिल्म बनाने वाला यशराज फिल्म्स एक वर्ष में कई फिल्म बनाने लगा। बजाय एक फिल्म निर्देशित करने के आदित्य ने कई फिल्मों का निर्माण एक साथ किया और अपनी सफलता को कई गुना कर भरपूर धन कमाया।
‘बंटी और बबली’, ‘धूम’, ‘धूम 2’, ‘हम तुम’, ‘वीर जारा’ और ‘फना’ के जरिये आदित्य ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी। उन्हें एक चतुर व्यवसायी निर्माता की संज्ञा दी जाने लगी जो दर्शकों की नब्ज से अच्छी तरह परिचित था। उन्होंने एक भव्य स्टूडियो मुंबई में बनाया जिसमें फिल्म बनाने की अत्याधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं।
आदित्य अपनी सारी ऊर्जा फिल्म निर्माण में खर्च करते हैं। वे पार्टियों, पुरस्कार समारोहों और अपनी फिल्म के प्रचार में कभी हिस्सा नहीं लेते। मीडिया से उन्होंने हमेशा दूरी बनाए रखी। आदित्य का इस समय इतना नाम है कि उनके एक फोन पर बड़े से बड़ा स्टार छोटे से छोटा रोल करने को तैयार हो जाता है।
सफलता की राह पर सरपट भागते आदित्य को वर्ष 2007 में जबरदस्त ठोकर खानी पड़ी। उनके बैनर द्वारा निर्मित ‘आजा नच ले’, ‘झूम बराबर झूम’, ‘ता रा रम पम’ और ‘लागा चुनरी में दाग’ असफल हो गईं। ‘चक दे इंडिया’ एकमात्र सफल फिल्म रही।
शायद इस स्थिति को देख आदित्य ने मैदान संभालने का निर्णय लिया है। आदित्य यशराज फिल्म्स के कप्तान हैं और मुसीबत में कप्तान को खुद आगे आकर मिसाल बनना पड़ती है ताकि साथियों का हौसला बढ़े। आदित्य भी शायद यही करने जा रहे हैं।
आदित्य की फिल्म का शीर्षक ‘रब ने बना दी जोड़ी’ मनमोहन देसाई द्वारा बनाई गई फिल्म ‘सुहाग’ के एक गाने का मुखड़ा है। उनकी पहली फिल्म का नाम भी एक गाने पर से लिया गया था। शाहरुख के बिना आदित्य फिल्म बनाने की सोच भी नहीं सकते हैं।
अपनी इस फिल्म में वे शाहरुख की नायिका के रूप में नई लड़की तलाश रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें 18 से 24 वर्ष के बीच की नायिका की तलाश है। इस फिल्म को वे जल्दी शुरू कर 2008 के अंत तक प्रदर्शित करना चाहते हैं।
फिल्म के शीर्षक से एक प्रेमकथा का आभास होता है। प्रेमकथा पर फिल्म बनाने में आदित्य पारंगत हैं। आदित्य की घोषणा से ‘रब ने बना दी जोड़ी’ वर्ष 2008 का सबसे बड़ा आकर्षण हो गई है।
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