जानिए क्यों खास है मैसूर का दशहरा



प्रस्तुति : राजश्री कासलीवाल

दशहरे का त्योहार हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। पूरे देश में यह उत्सव काफी धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इनमें सबसे खास होता है- का दशहरा।
विजयादशमी के पर्व पर अपने गौरवशाली अतीत की दास्तां कहता है मैसूर का वह खूबसूरत हौदा। सहसा विश्वास नहीं होता कि पुरातन काल में सिर्फ छैनी-हथौड़े के दम पर निर्मित इतने खूबसूरत हौदे को कारीगरों ने अपने हाथों से बनाया है।

विजयादशमी के पर्व पर आम लोगों के लिए खोल दिया जाता है। भव्य जुलूस निकाला जाता है। यह दिन मैसूरवासियों के लिए बेहद खास होता है। इस अवसर पर यहां 10 दिनों तक बेहद धूमधाम से उत्सव मनाए जाते हैं। 10वें और आखिरी दिन मनाए जाने वाले उत्सव को 'जम्बू सवारी' के नाम से जाना जाता है। इस दिन सारी निगाहें बलराम नामक गजराज के सुनहरे हौदे पर टिकी होती हैं।
इस हाथी के साथ 11 अन्य गजराज भी रहते हैं जिनकी विशेष साज-सज्जा की जाती है। इस उत्सव को अम्बराज भी कहा जाता है। इस मौके पर भव्य जुलूस निकाला जाता है जिसमें बलराम के सुनहरी हौदे पर सवार हो चामुंडेश्वरी देवी मैसूर नगर भ्रमण के लिए निकलती हैं।

वर्षभर में यह एक ही मौका होता है, जब देवी की प्रतिमा यूं नगर भ्रमण के लिए निकलती है। यह खूबसूरत सुनहरी हौदा मैसूर के वैभवशाली अतीत की सुंदर कहानी कहता है। यह हौदा कब और कैसे बना, इसे किसने बनवाया, इस बारे में सही जानकारी नहीं है। लेकिन 750 किलो वजन के इस हौदे में तकरीबन 80 किलो सोना लगा है।

हौदे पर की गई नक्काशी मैसूर के कारीगरों की निपुणता की जीवंत दास्तां सुनाती है। इस हौदे के बाहरी स्वरूप में फूल-पत्तियों की सुंदर नक्काशी की गई है।
यह हौदा मैसूर के कारीगरों की कारीगरी का अद्भुत नमूना है जिन्हें लकड़ी और धातु की सुंदर कलाकृतियां बनाने में निपुणता हासिल थी।

विश्वास नहीं होता कि कैसे पुरातन काल में सिर्फ छैनी-हथौड़े के दम पर इतने खूबसूरत हौदे को बनाया गया होगा। पहले-पहल इस हौदे का उपयोग मैसूर के राजा अपनी शाही गज सवारी के लिए किया करते थे। अब इसे वर्ष में केवल एक बार विजयादशमी के जुलूस में माता की सवारी के लिए उपयोग में लाया जाता है।


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

ज्योतिष के अनुसार मंगल की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते ...

ज्योतिष के अनुसार मंगल की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते होंगे...
ज्योतिष के अनुसार हर ग्रह की परिभाषा अलग है। पौराणिक कथाओं में नौ ग्रह गिने जाते हैं, ...

विवाह के प्रकार और हिंदू धर्मानुसार कौन से विवाह को मिली है ...

विवाह के प्रकार और हिंदू धर्मानुसार कौन से विवाह को मिली है मान्यता, जानिए
शास्त्रों के अनुसार विवाह आठ प्रकार के होते हैं। विवाह के ये प्रकार हैं- ब्रह्म, दैव, ...

कृष्ण के 80 पुत्रों का रहस्य, साम्ब के कारण हुआ मौसुल युद्ध

कृष्ण के 80 पुत्रों का रहस्य, साम्ब के कारण हुआ मौसुल युद्ध
भगवान श्रीकष्ण ने आठ महिलाओं से विधिवत विवाह किया था। इन आठ महिलाओं से उनको 80 पुत्र मिले ...

गुलाब का एक फूल बदल सकता है जीवन की दिशा, जानिए 10 रोचक ...

गुलाब का एक फूल बदल सकता है जीवन की दिशा, जानिए 10 रोचक टोटके
हम आपके लिए लाए हैं सुंगधित गुलाब के फूल के कुछ ऐसे उपाय या टोटके जिन्हें आजमाकर आप अपने ...

आखिर क्यों होती हैं हमारे कामों में देरी, जानिए, क्या कहता ...

आखिर क्यों होती हैं हमारे कामों में देरी, जानिए, क्या कहता है ज्योतिष
जानते हैं कि जन्मपत्रिका में वे कौन सी ऐसी ग्रहस्थितियां व ग्रह होते हैं जो कार्यों में ...

नौकरी की तलाश है तो यह 10 बहुत सरल और सुरक्षित टोटके आजमाएं

नौकरी की तलाश है तो यह 10 बहुत सरल और सुरक्षित टोटके आजमाएं
नौकरी हर इंसान की जरूरत है। लेकिन कई प्रयासों के बाद भी जब नौकरी न मिले तो स्वाभाविक रूप ...

रिश्तों को बचाएं व प्यार बढ़ाएं, 7 टिप्स अपनाएं

रिश्तों को बचाएं व प्यार बढ़ाएं, 7 टिप्स अपनाएं
हम सभी यही सोचकर रिश्ते बनाते हैं कि हमें उस रिश्ते से हमेशा खुशी मिलेगी व हमारी हमारे ...

महेश नवमी पर शिव उपासना से होती है हर कामना पूरी, यह 8 सरल ...

महेश नवमी पर शिव उपासना से होती है हर कामना पूरी, यह 8 सरल मंत्र हैं आपके लिए
प्रस्तुत है कुछ ऐसे विशेष मंत्र हैं जिनका महेश नवमी से लेकर प्रतिदिन रुद्राक्ष की माला से ...

22 जून को महेश नवमी, पढ़ें कथा और महत्व

22 जून को महेश नवमी, पढ़ें कथा और महत्व
महेश नवमी माहेश्वरी समाज का प्रमुख पर्व है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को यह ...

गायत्री जयंती 23 जून को : जानें गायत्री मंत्र जप का सही समय ...

गायत्री जयंती 23 जून को : जानें गायत्री मंत्र जप का सही समय और चमत्कारी फायदे
शास्त्रों में मंत्रों को बहुत शक्तिशाली और चमत्कारी बताया गया है। मंत्र जप एक ऐसा उपाय ...

राशिफल