कैथोलिक चर्च में ध्यान और संगीत

टोकियो| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 12 जुलाई 2013 (17:38 IST)
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टोकियो। में फुकोका प्रांत के मुनाकात में एक में ध्यान और बाख के संगीत का आयोजन एक साथ किया गया और इसमें भाग लेने वाले लोगों ने कहा कि इसके परिणाम चमत्कारिक थे।

इस ध्यान संध्या में भाग लेने वालों में करीब 20 लोगों ने जर्मन संगीतज्ञ के ओर्गन संगीत को सुना और उन्हें अपने भीतर रोशनी का अहसास हुआ। चर्च के फादर ताकिहिरो कुन्नी ने कहा कि बाख का संगीत हमारी आत्मा के भीतर की उन गतिविधियों को भाव देता है जिनकी हम व्याख्या नहीं कर सकते।

उन्होंने बताया कि संगीत के बाद प्रतिभागियों ने ईसा मसीह के संदेशों के बारे में व्याख्यान सुना, बाइबिल को पढ़ा और फिर से बाख का संगीत सुना। कुन्नी ने प्रतिभागियों को ध्यान सत्र के लिए भेजने से पूर्व कहा कि जितना अधिक से अधिक संभव हो सके, चुप रहने की कोशिश करें।
उन्होंने कहा कि यदि आप अपने बाहरी पक्ष को नियंत्रित कर लेते हैं और भीतर से शांत हो जाते हैं तो आप भगवान से वार्तालाप करने में सक्षम होंगे। इन निर्देशों के साथ प्रतिभागियों को उनके अपनी पसंद के स्थान पर जैसे कि गिरिजाघर या बगीचे में ध्यान लगाने के लिए भेज दिया गया।

ध्यान की प्रक्रिया जेन ध्यान प्रक्रिया से अलग होती है, क्योंकि जेन ध्यान में व्यवहार के कुछ कड़े नियम होते हैं। शाम के समय प्रत्येक प्रतिभागी को बाइबिल पढ़ने और ध्यान लगाने के लिए उनके कमरे में भेज दिया गया।
दूसरे दिन फादर कात्सुनोरी नाकामुरा प्रतिभागियों को चर्च के साथ जुड़े जंगल में ले गए और उनसे यह महसूस करने को कहा गया कि वे सलीब उठाए चल रहे ईसा मसीह के कदमों पर विचार करें।

प्रतिभागियों में विभिन्न उम्र वर्ग के कैथोलिक धर्मावलंबी थे, जो जापान भर से आए थे। फादर कुन्नी ने कहा कि बाख का संगीत लोगों की आत्मा तक जाता है। एक प्रतिभागी ने कहा कि इससे तन और मन में शांति जागृत होती है और खुद को समझने में मदद मिलती है। (भाषा)

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