नोटबंदी से पहले ही शुरू हो गई थी दो हजार के नोट की छपाई

इंदौर| पुनः संशोधित गुरुवार, 2 मार्च 2017 (16:42 IST)
इंदौर। सूचना के अधिकार (आरटीआई) से खुलासा हुआ है कि के पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक इकाई ने सरकार की नोटबंदी की घोषणा से करीब ढाई महीने पहले ही 2,000 रुपए के नए नोट छापना शुरू कर दिया था, जबकि 500 रुपए के नए नोटों की छपाई का काम के पखवाड़े भर बाद आरंभ हुआ था।
मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रशेखर गौड़ ने गुरुवार को बताया कि उनकी अर्जी पर नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) से मिले जवाब के जरिए यह अहम जानकारी हासिल हुई है।
 
बेंगलुरु स्थित बीआरबीएनएमपीएल के एक अधिकारी ने जवाब में बताया कि इस इकाई में 2,000 रुपए के नए नोटों की छपाई का पहला चरण 22 अगस्त 2016 को शुरू किया गया था जबकि 500 रुपए के नए नोटों की छपाई का पहला चरण 23 नवंबर 2016 आरंभ हुआ था।
 
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा वर्ष 1995 में स्थापित कंपनी ने गौड़ की आरटीआई अर्जी के एक अन्य सवाल पर बताया कि इस इकाई में 500 रुपए के पुराने नोटों की छपाई का आखिरी चरण 27 अक्टूबर 2016 को खत्म हुआ था जबकि 1,000 के पुराने नोटों की छपाई का आखिरी चरण 28 जुलाई 2016 को समाप्त हुआ था।
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 की रात अपने टेलीविजन संदेश में घोषणा की थी कि 500 और 1,000 रुपए के नोट अब वैध नहीं रहेंगे। (भाषा)

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