क्रिसमस की ये हैं सदाबहार चीजें जिन्हें माना जाता है पवित्र...

Christmas-Symbol

होली (शूलपर्णी), मिसलटो (वांदा), (आइव) यह कुछ सदाबहार चीजें हैं, जिन्हें पवित्र माना जाता है। इन सभी का अपना एक अलग अर्थ है।
होली माला - परंपरागत रूप से होली माला घरों तथा गिरजाघरों में लटकाई जाती है। इसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। भारत में इन होली मालाओं में मोमबतियां लगाई जाती हैं।

मिसलटो - आम तौर पर यह बेर के आकार की सफेद रचनाएं होती हैं जो सेबफल के वृक्षों की शाखाओं पर पाई जाती हैं। इसका सर्वाधिक प्रचलित और लोकप्रिय अर्थ यह है कि इसके नीचे खड़ा रहने वाला किसी का भी चुंबन ले सकता है।

परंपरागत रूप से यह माना जाता है कि मिसलटो के नीचे मिलने वाले दो मित्रों पर भाग्य हमेशा मुस्कुराता रहता है और यदि दो दुश्मन इसके नीचे मिल जाएं तो दुश्मनी दोस्ती में बदल जाती है यानि कि यह मित्रता और प्रेम का प्रतीक है।

- यह मित्रता का प्रतीक है। ऐसा प्रेम जो स्थायी तथा अटूट होता है।
(सांता क्लॉज) - सांता क्लाज शब्द की उत्पत्ति से हुई है। यह संत निकोलस का लोकप्रिय नाम है। दिलचस्प बात तो यह है कि संत निकोलस की कहानी का येसु के जन्मोत्सव से कोई लेना-देना नहीं है। निकोलस पर्व 6 दिसंबर को मनाया जाता है तथा इस दिन परंपरानुसार बच्चों को फलों तथा मिठाइयों के तोहफे दिए जाते हैं।
ऐसी धारणा है कि संत निकोलस एक ईसाई पादरी थे जो एशिया माइनर में कोई डेढ़ हजार साल पहले रहते थे। वे बहुत उदार तथा दयालु थे तथा हमेशा जरूरतमंदों की सहायता करते रहते थे।

बच्चों से उनके संबंधों के बारे में एक किंवदंती प्रचलित है कि एक बार वे ऐसे मकान में ठहरे थे, जहां तीन बच्चों की हत्याएं कर उनके शवों को अचार की बरनियों में छिपा दिया गया था। संत निकोलस ने चमत्कार द्वारा उन बच्चों को जीवित कर दिया। तभी से उन्हें बच्चों का संत कहा जाने लगा।
एक अन्य किंवदंती के अनुसार संत निकोलस की रात को गलियों में घूमकर गरीब व जरुरतमंद बच्चों को चाकलेट-मिठाई आदि वितरित करते थे जिससे वे भी क्रिसमस को हर्षोल्लास से मना सकें। इस तरह क्रिसमस व बच्चों के साथ के रिश्ते जुड़ गए।


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

सोने की लंका का असली इतिहास

सोने की लंका का असली इतिहास
श्रीलंका सरकार ने 'रामायण' में आए लंका प्रकरण से जुड़े तमाम स्थलों पर शोध कराकर उसकी ...

खांडव वन में इस तरह बसाया था इंद्रप्रस्थ और पांडवों को मिले ...

खांडव वन में इस तरह बसाया था इंद्रप्रस्थ और पांडवों को मिले थे अद्भुत हथियार
कौरव और पांडवों के बीच जब राज्य बंटवारे को लेकर कलह चली, तो मामा शकुनि की अनुशंसा पर ...

क्यों सुनना चाहती थीं पार्वती अमरनाथ की अमरकथा, पढ़ें रोचक ...

क्यों सुनना चाहती थीं पार्वती अमरनाथ की अमरकथा, पढ़ें रोचक जानकारी...
एक बार पार्वतीजी से ने शंकरजी से पूछा, ‘मुझे इस बात का बड़ा आश्चर्य है कि आपके गले में ...

अगर ऐसे करते हैं उपवास तो नहीं मिलेगा आपको फल

अगर ऐसे करते हैं उपवास तो नहीं मिलेगा आपको फल
हिन्दू धर्म में संपूर्ण वर्ष में कई प्रकार के उपवास आते हैं, जैसे वार के उपवास, माह में ...

श्री देवी सहस्रनामावली : सफलता का परचम लहराना है तो पढ़ें ...

श्री देवी सहस्रनामावली : सफलता का परचम लहराना है तो पढ़ें मां दुर्गा के 1000 दुर्लभ नाम...
प्रतिदिन देवी सहस्रनामावली का जाप जीवन को वैभवशाली और ऐश्वर्यशाली बनाता हैं। इन नामों को ...

रोचक जानकारी : यह है उम्र के 9 खास पड़ाव, जानिए कौन सा ग्रह ...

रोचक जानकारी : यह है उम्र के 9 खास पड़ाव, जानिए कौन सा ग्रह किस उम्र में करता है असर
लाल किताब अनुसार कौन-सा ग्रह उम्र के किस वर्ष में विशेष फल देता है इससे संबंधित जानकारी ...

23 जुलाई को है साल की सबसे बड़ी शुभ एकादशी, जानिए व्रत कथा ...

23 जुलाई को है साल की सबसे बड़ी शुभ एकादशी, जानिए व्रत कथा और पूजन विधि
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानि 23 जुलाई 2018 को है। देवशयनी एकादशी के दिन से ...

3 स्वर, 3 नाड़ियां... जीवन और सेह‍त दोनों को बनाते हैं शुभ, ...

3 स्वर, 3 नाड़ियां... जीवन और सेह‍त दोनों को बनाते हैं शुभ, जानिए क्या है स्वरोदय विज्ञान
स्वर विज्ञान को जानने वाला कभी भी विपरीत परिस्थितियों में नहीं फंसता और फंस भी जाए तो ...

आषाढ़ पूर्णिमा 27 जुलाई को है सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण, किस राशि ...

आषाढ़ पूर्णिमा 27 जुलाई को है सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण, किस राशि पर कैसा होगा असर, यह 4 राशियां रहें सावधान
इस साल का सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण 27-28 जुलाई 2018 को आषाढ़ पूर्णिमा के दिन खग्रास ...

असम की मस्जिद बनी मिसाल, यहां बाइबल और वेद पढ़ते हैं लोग

असम की मस्जिद बनी मिसाल, यहां बाइबल और वेद पढ़ते हैं लोग
क्‍या मस्जिद के अंदर भी बाइबल और वेद पढ़े जा सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन जी ...

राशिफल