यादों के गलियारों में चहकता बचपन


बचपन, एक ऐसा मधुर शब्द जिसे सुनते ही लगता है मानो शहद की मीठी बूंद जुबान पर रख ली हो। जिसकी कोमल कच्ची यादें जब दिल में उमड़ती है तो मुस्कान का लाल छींटा होंठों पर सज उठता है। जब भी इन महकते हरियाले पन्नों को फुरसत में बैठकर खोला और इन पर जमी धूल की परतों पर यादों की फुहारें डाली, भीनी-भीनी सुगंध की बयार ने उठकर मन को भावुक बना दिया।

वही तो होता है जो कंचे और अंटियों को जेबों में भरकर सो जाए, बचपन यानी जो पतंगों को बस्ते में छुपाकर लाए, बचपन मतलब जो मिट‍्टी को सानकर लड्डू बनाए, बचपन बोले तो वो जो बड़ों की हर चीज को छुपकर आजमाएं। बचपन यानी पेड़ पर चढ़ने के बाद जो उतरने के लिए चिल्लाए, बचपन कहें तो वो जो अंदर से दरवाजा बंद कर बड़ों की परेशानी बन जाए, कुल मिलाकर बचपन यानी शरारत, शैतानी और मस्ती की खिलखिलाती पाठशाला।

गुलेल, गिल्ली-डंडा, तितली पकड़ना, घरौंदे बनाना ये सब आज बीते बचपन की बात हो गई है। आज का बचपन इतना सुविधायुक्त और वैभवशाली है कि उन खेलों से कोसों दूर है जिन्हें खेलकर कपड़ों से गीली मिट्टी की खुशबू आती थी। आज का साफ-सुथरा अभिजात्य बचपन वीडियो गेम, कंप्यूटर, मोबाइल, ऑनलाइन गेम्स के बीच व्यतीत हो रहा है। कभी-कभी लगता है अभिभावक ये सब इन्हें नहीं देंगे तो जैसे ये बड़े ही नहीं होंगे।

पालकों को लगता है इनके बिना बच्चों का मानसिक विकास अधूरा रह जाएगा। सच तो यह है कि पुराने और पारंपरिक खेलों से हमने और हमारे बड़ों ने जो सीखा-समझा है वह इन अत्याधुनिक खेलों के बस की बात ही नहीं है।

धूल और माटी में सनकर ही हमने जाना कि आंगन में कितने और कैसे-कैसे पौधे हैं। छुईमुई कैसी होती है? तुलसी को आंगन की रानी क्यों कहा जाता है? घोंघें कैसे अपने ही घर को सिर पर उठाए चलते हैं। हथेली के ऊपर रेत और मिट्टी चढ़ाकर घरौंदे बनाते हुए अपना घर बनाने की सीख ले ली। जब नन्हे शंख और सीपी से उसे सजाकर आत्मीयता से थपथपाया तो खूबसूरत घर की परिभाषा भी जानी।

गेहूं, धान, ज्वार और मूं ग के इधर-उधर बिखरे दाने भीगकर कैसे अंकुरित हो जाते हैं, यही प्रस्फुटित अंकुर पहले पौधे और बाद में पेड़ बन जाते हैं, यह सब हमने किताबों में बहुत बाद में पढ़ा हमारे भोले बाल-मन ने तो बगिया में घुमते हुए ही अनुभूत कर लिया था। हो सकता है उस वक्त का समझा वैज्ञानिक रूप से पूर्णत: सत्य और वास्तविक ना हो लेकिन मिट्टी में रच-बस कर प्रकृति से जो अनमोल रिश्ता और संवेगात्मक लगाव हमारे दिलों ने उस वक्त बनाया था वह आज तक कायम है।

मिट्टी की वह मीठी और महकती सौंधी गंध भावनाओं में उतर कर ह्रदय को कैसे स्पर्श कर गई थी उसे आज भी शब्दों में पिरोकर व्यक्त करना मुश्किल है। तितली की सुंदर चित्रकारी को देखकर हमने ना जाने कितने कल्पना के घोड़े दौड़ाए, कौन बैठकर इतनी बारीकी से रंगों को सजाता है? उन्हें देखते हुए कब छोटे-छोटे कच्चे हाथों ने नन्हे ड्राइंग ब्रश उठा लिए पता ही नहीं चला।

मां के आटा गूंथते ही चहचहाती गौरेयों का समूह खिड़की पर मंडराने लगता तो मां बताती, देखों इसे कहते हैं समय की पाबंदी। अक्सर सोचती हूँ कि यदि बचपन में ही सबकुछ सैद्धांतिक, तार्किक और वैज्ञानिक तरीके से सीख लिया होता तो आज किस भोली समझ और मासूम ज्ञानार्जन को याद करके मुस्कराती?

बचपन आज भी भोला और भावुक ही होता है लेकिन हम उन पर ऐसे-ऐसे तनाव और दबाव का बोझ डाल रहे हैं कि वे कुम्हला रहे हैं। उनकी खनकती-खिलखिलाती किलकारियां बरकरार रहें इसके ईमानदार प्रयास हमें ही तो करने हैं।

देश के ये गुलाबी नवांकुर कोमल बचपन की यादें सहेजें, इसलिए जरूरी है कि हम उन्हें कठोर और क्रूर नहीं बल्कि मयूरपंख-सा मुलायम मुस्कुराता लहलहाता बचपन दें। उनका नटखट रूप यूं ही खटपट करता रहे, मीठे तुतलाते बोलों से पट-पट करता रहे, बचपन के हक में यह दुआ आज हमें मांगनी ही होगी।


Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

जींस खरीदने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है

जींस खरीदने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है
जब जींस पहनने की शुरुआत हुई थी तब यह फैशन को ध्यान में रखते हुए नहीं हुई थी और न ही इसे ...

बस 1 हफ्ते में त्वचा के काले धब्बे गायब, पपीते का फैस पैक ...

बस 1 हफ्ते में त्वचा के काले धब्बे गायब, पपीते का फैस पैक करेगा जादू
पपीता आपकी पाचन क्रिया को संतुलित रखने के साथ-साथ आपके चेहरे को भी बेदाग बनाता है।

सनग्लासेस पहनने के 4 फायदे...

सनग्लासेस पहनने के 4 फायदे...
सही चश्‍मा पहनते ही हम एकदम से स्टाइलिश और फैशनेबल दिखने लगते हैं। चश्मे हमें केवल अच्छा ...

आपके मन को लुभाएगी ये पारंपरिक चिल्ड शाही ड्रायफ्रूट्स ...

आपके मन को लुभाएगी ये पारंपरिक चिल्ड शाही ड्रायफ्रूट्स लस्सी, पढ़ें सरल विधि
सबसे पहले ताजा दही लेकर उसमें शक्कर, आधी ड्रायफ्रूट्स की कतरन, केसर व बर्फ डालकर मिक्सी ...

ऐसा देसी डाइट प्लान जिससे भयंकर मोटे बॉलीवुड एक्टर्स ने ...

ऐसा देसी डाइट प्लान जिससे भयंकर मोटे बॉलीवुड एक्टर्स ने अपना वज़न कम कर सबको हैरान कर दिया और आज हैं बिलकुल फिट
और इसी आदत के चलते इंडियंस अपना वेट लॉस देशी डाइट के साथ भी कर सकते हैं, पर डाइट प्लान के ...

गंगा दशहरा पर पारंपरिक शाही मीठे चूरमे से लगाएं गंगा मैया ...

गंगा दशहरा पर पारंपरिक शाही मीठे चूरमे से लगाएं गंगा मैया को भोग, पढ़ें सरल विधि...
सबसे पहले गेहूं के आटे में घी का अच्छा मोयन देकर कड़ा सान लें। फिर इसकी मुठियां बना लें। ...

हरड़ एक ऐसी औषधि है, जो 100 रोगों का नाश करती है

हरड़ एक ऐसी औषधि है, जो 100 रोगों का नाश करती है
हरड़ एक अत्यंत लाभकारी औषधि है। यह शरीर के 100 से अधिक रोगों का नाश करती है। आइए जानें ...

क्या आपने कभी बनाई है सत्तू की यह मिठाई, अगर नहीं तो अवश्य ...

क्या आपने कभी बनाई है सत्तू की यह मिठाई, अगर नहीं तो अवश्य बनाएं...
सबसे पहले मैदे को दूध के छींटे डाल-डालकर गीला कर लें। फिर किसी बर्तन में 1-2 घंटे दबाकर ...

कैसे होते हैं कर्क राशि वाले जातक, जानिए अपना व्यक्तित्व...

कैसे होते हैं कर्क राशि वाले जातक, जानिए अपना व्यक्तित्व...
हम वेबदुनिया के पाठकों के लिए क्रमश: समस्त 12 राशियों व उन राशियों में जन्मे जातकों के ...

अगर पति-पत्नी में हो रहा है खूब कलह तो यह 4 उपाय कराएंगे ...

अगर पति-पत्नी में हो रहा है खूब कलह तो यह 4 उपाय कराएंगे सुलह
यह उपाय उन पति-पत्नी के लिए हैं जो साथ में रहना तो चाहते हैं, एक दूजे से प्यार भी खूब ...