महान भिक्षु बोधिधर्मन के 5 रहस्य जानकर आपको फख्र होगा...

संकलन : अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
 
या एक बौद्ध भिक्षु थे। बोधिधर्म का जन्म दक्षिण भारत के पल्लव राज्य के कांचीपुरम के राज परिवार में हुआ था। वे कांचीपुरम के राजा सुगंध के तीसरे पुत्र थे। छोटी आयु में ही उन्होंने राज्य छोड़ दिया और भिक्षुक बन गए। 22 साल की उम्र में उन्होंने संबोधि (मोक्ष की पहली अवस्था) को प्राप्त किया। 
फोटो सौजन्य: यूट्यूब
बोधिधर्म के माध्यम से ही चीन, जापान और कोरिया में बौद्ध धर्म का विस्तार हुआ था। 520-526 ईस्वीं में जाकर उन्होंने चीन में ध्यान संप्रदाय की नींव रखी थी जिसे च्यान या झेन कहते हैं।
 
इस छोटी सी उम्र में ही उन्होंने हर तरह की विद्या में खुद को पारंगत कर लिया था। बोधी धर्मन के बारे में इतिहास में अलग अलग बातें पढ़ने को मिलती है, लेकिन जो ओशो रजनीश ने कहा वह ज्यादा सत्य के नजदीक है। आओ हम बोध धर्मन के बारे में 5 रहस्य को जानते हैं।...आओ जानते हैं बोधी धर्मन के बारे में 5 रहस्य...

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