सिने-मेल (24 जुलाई 07)

समय ताम्रकर|
प्रिय पाठको,
वेबदुनिया के बॉलीवुड सेक्शन में नित नई, मनोरंजक, आकर्षक, दिलचस्प और चटपटी सचित्र जानकारियाँ देने की हमारी कोशिश रहती है। इन्हें पढ़कर आपको कैसा लगता है, हम जानना चाहते हैं। आपकी बॉलीवुड संबंधी प्रतिक्रिया और सुझाव हम ‘सिने-मेल’ में प्रकाशित करेंगे। हमें इंतजार है आपके ई-मेल का।

मैं शाहरुख खान का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ। ‘चक दे इंडिया’ की कहानी पढ़नबाद मुझे अब इस फिल्म का इंतजार है। मुझे आशा है कि शाहरुख एक बार फिर इस फिल्म में अपने अभिनय का कमाल दिखाएँगे।
- अविंदर सिंह (asn_0803@yahoo.com )
- राकेश जोशी (rakesh_joshi@webdunia.com)

किसी भी दिन टाइम पास करना हों तो ‘पार्टनर’ देखी जा सकती है क्योंकि इस फिल्म को देखकर हँसते हुए टाइम पास होता है। बहुत दिनों के बाद ऐसी फिल्म आई है जो परिवार के साथ देखी जा सकती है। - इमरान (imran_1321@webmail.com)
- अनिल कुमार (anil_kumar610@rediffbol.com)

मैं यह पत्र इलाहाबाद से लिख रहा हूँ। मुझे ‘चक दे इंडिया’ फिल्म की कहानी बेहद पसंद आई। मेरा मानना है कि इस फिल्म का असर आने वाले समय में भारतीय महिला हॉकी टीम पर देखने को मिलेगा। शाहरुख खान का मैं धन्यवाद अदा करना चाहता हूँ क्योंकि उन्होंने इस फिल्म में काम करना स्वीकार किया। - विनय यादव (vinay_scorpio@indiatimes.com)

हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी इस समय बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। मुझे लगता है कि ‘चक दे इंडिया’ के बाद लोग इस खेल की ओर आकर्षित होंगे।
- इरफान मंसूरी (irfan_sop@webdunia.com)

‘पार्टनर’ देखकर मजा आ गया। सलमान और गोविंदा की जुगलबंदी ने गजब ढा दिया। - प्रवीण कुमार (parveen_2007_mns@yahoo.co.in)
- राहुल (rahulkuld@gmail.com)

‘चक दे इंडिया’ की कहानी अच्छी लगी। मुझे लगता है कि फिल्म में शाहरुख इस टीम को विजयी बनाकर ही मानेंगे। उनके पास टीम को अच्छा बनाने के ढेर सारे तरीके हैं।
- नरेश सान्याल (nschilla@yahoo.co.in) - सोमेश (someshkumar_2000@yahoo.com)

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