सिने-मेल (15 दिसम्बर 2007)

Cine-Mail
प्रिय पाठको, वेबदुनिया के बॉलीवुड के सेक्शन में नित नई, मनोरंजक, आकर्षक, दिलचस्प और चटपटी सचित्र जानकारियाँ देने की हमारी कोशिश रहती है। इन्हें पढ़कर आपको कैसा लगता है, हम जानना चाहते हैं।
आपकी बॉलीवुड संबंधी प्रतिक्रिया और सुझाव हम ‘सिने-मेल’ में प्रकाशित करेंगे। हमें इंतजार है आपके ई-मेल का।


वेबदुनिया की साईट देखे बिना मुझे चैन नहीं मिलता। ‘खोया-खोया चाँद’ फिल्म की समीक्षा जरूर दें।
देविंदर कुमार वशिष्ठ ([email protected])

‘सलमान और उनकी प्रेमिकाएँ’ अच्छा लगा। मेरा मानना है कि सलमान बहुत हैंडसम और उम्दा कलाकार है।
रॉकी कुमार ([email protected])

‘तारे जमीन पर’ फिल्म की कहानी अच्छी है। इससे हर अध्यापक और माता-पिता को अपने बच्चों को समझने में मदद मिलेगी।
सोहित यादव ([email protected])

ऐश्वर्या राय इस समय करियर के अजीब मोड़ पर है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि वह ‍अपना परिवार बढाएँ या फिल्म साइन करें।
हंसराज ([email protected])

आमिर खान की फिल्में अच्छी होती हैं, इसमें कोई शक नहीं है। मेरी आमिर को एक सलाह है कि यदि वे एक समय में एक ही काम करें तो अच्छा रहेगा। उन्हें निर्देशन की बजाय अभिनय पर ध्यान देना चाहिए।
रविकांत राय ([email protected])

शाहरुख का क्रिकेट मैच स्टेडियम जाकर देखना चाहिए क्योंकि इससे बीसीसीआई को भी फायदा होता है। शाहरुख मैच देखते हैं तो इसमें गलत क्या है?
त्रिलोक कालिया ([email protected])

शाहरुख खान का स्टेडियम में मैच देखना गलत है। उन्हें किंग खान कहा जाता है तो वे अपने आपको दुनिया का किंग समझने लगे हैं।
ऋषभराज ([email protected])

‘तारे जमीन पर’ आमिर द्वारा निर्देशित पहली फिल्म है। इस फिल्म का मुझे इंतजार है। उम्मीद है कि आमिर निराश नहीं करेंगे।
कन्हैया ([email protected])

‘ओम शांति ओम’ फिल्म मुझे बेहद पसंद आई।
वीरेन्द्र कुमार ([email protected])

‘दस कहानियाँ’ बहुत मस्त फिल्म हैं।
राहुल ([email protected])

‘ओम शांति ओम’ बहुत ही बकवास और बेकार किस्म की फिल्म है।
अशोक व्यास ([email protected])

माधुरी दीक्षित एक शानदार अभिनेत्री हैं। बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों में उन्होंने काम किया है। माधुरी भी फिल्मों के प्रति अपना मोह त्याग नहीं पाई और उन्होंने वापसी कर ही ली।
सत्यजीत चौधरी ([email protected])

माधुरी इस उम्र में भी बेहद सुंदर है। अभिनय में वह माहिर है और उसके नृत्य का तो कहना ही क्या। बॉलीवुड में वापस आने के लिए मैं उन्हें शुक्रिया अदा करता हूँ।
विनीत ([email protected])

मुझे माधुरी दीक्षित बेहद पसंद है। वह रेखा, मीनाकुमारी और मधुबाला जैसी महान अभिनेत्री है। उसकी सुंदरता में मधुबाला की झलक मिलती है।
अश्विन ([email protected])

आपको भले ही पसंद न आई हो, लेकिन मुझे ‘साँवरिया’ बेहद पसंद आई।
गौतम ([email protected])

‘हल्ला बोल’ की कहानी अच्छी है। अजय देवगन एक शानदार अभिनेता है। शायद इस फिल्म में भी उनकी ‘अपहरण’ जैसी एक्टिंग देखने को मिलेगी।
रोशन परिहार ([email protected])

‘तारे जमीन पर की कहानी अद्‍भुत है’ आलेख में आमिर के विचार पढ़ने को मिलें। उनके विचार बहुत अच्छे हैं। दोस्तों के काम आना बहुत अच्छी बात है। ईश्वर आमिर को कामयाबी दे।
समय ताम्रकर|
धर्मेन्द्र दत्ता ([email protected])

 
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