डर है कि अपने फैंस को निराश न कर दूं: टाइगर श्रॉफ

इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' में टाइगर नॉन माचो रूप में दिख हैं, बावजूद इसके उनका डांस और सिक्स पैक ऐब्स फिल्म में नजर आए हैं। पेश है टाइगर से बातचीत:

अभी तक आपने जितने किरदार निभाए हैं, उन्हें देखने के बाद, आपका ये रोल आपके नए रूप को लोगों के सामने लाने में सफल रहेगा?
बिलकुल। मेरे लिए ये रोल बहुत ही अलग है। इस तरह का किरदार मैंने कभी नहीं निभाया है। मुझे अभी तक के करियर में ऐसा कभी नहीं लगा। मुझे इस फिल्म को करते हुए लगा कि मैं एक आउटसाइडर हूं। मैंने अभी तक जो भी किरदार निभाए हैं, वो एक्शन हीरो या हीरो टाइप रोल थे। इसमें मैं अपनी उम्र के किसी लड़के-सा बना हूं। अगर मुझे कोई मारे, तो मुझे लगेगी। मेरा खून भी निकलेगा, वर्ना अभी तक दो किरदार किए उसमें मुझे लगने पर मैं पूरी सेना से लड़ जाता था। अच्छा लगा मुझे ये सब।
कोई टेंशन नहीं कि आप कुछ अलग बनकर आ रहे हैं?
बहुत सारा टेंशन है। मैं इस बार आदमी नहीं, एक लड़के का किरदार निभा रहा हूं। मजा भी आया लेकिन ये डर बिलकुल है कि मैं कहीं अपने फैन्स को निराश न कर दूं।

आपका गाना 'जवानी-दीवानी' को देखकर रणधीर कपूर ने पॉजीटिव रिस्पॉन्स दिया है?
हां, मेरी मां ने मुझे मैसेज किया था। एक अखबार में भी आया था। बहुत अच्छा लगा कि इसे पॉजीटिव तरीके से लिया गया है। वर्ना रिमिक्स या रिक्रिएशन को कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। वैसे भी ये गाना तो असल में रणधीरजी का ही है। हमने सबने मिलकर कोशिश की है कि हम हमारी तरफ से किशोर कुमार, जो कि इस गाने के गायक हैं, उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें आरडी बर्मन को श्रद्धांजलि दे सकें।
मुझे लगता है कि जिन गानों को पहले बनाया लिखा या फिल्माया गया है, वे बहुत सुंदर हैं और जिन लोगों पर फिल्माया गया वे भी बहुत अच्छी तरीके से ये गाना कर चुके हैं। लेकिन इसमें कोई हर्ज नहीं कि उन गानों को एक बार फिर से नया बनाया जाए और नई पीढ़ी के लिए फिर लाया जाए।

आप कभी कॉलेज लाइफ नहीं जी पाए। फिल्म के जरिए कैसे रिलेट कर पाए?
हां, मैं कभी कॉलेज नहीं जा सका। मैं जिस साल कॉलेज जाने वाला था, मुझे 'हीरोपंती' मिल गई, तो 2 साल मेरे उस रोल के लिए अपनी बॉडी बनाने और अपने आप को तैयार करने में चले गए। फिर एक साल फिल्माने में चला गया। तो इस फिल्म के जरिए ही कॉलेज कर लिया।


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