राम रहीम की रोहतक जेल में क्या है दिनचर्या

Last Updated: शुक्रवार, 24 अगस्त 2018 (17:21 IST)
- सत सिंह (रोहतक से)

रोहतक की जेल में अपनी महिला भक्तों के साथ रेप के आरोप में 20 साल की सज़ा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम ने अपना वज़न 20 किलो कम कर लिया है।

उनका रोजाना श्रम और साधारण भोजन इसके लिए ज़िम्मेदार हैं। जेल मैनुअल के अनुसार उनको रोटी, दाल दी जाती है और कभी-कभी मिठाई, जिसकी वजह से वो पहले की तुलना में दुबले दिखने लगे हैं।


जेल में उन्हें खेत जोतने और पौधों में पानी देने का काम दिया गया है। जब उन्हें सज़ा सुनाई गई थी तो उनका वजन 104 किलो था जबकि आज यह 84 किलो हो गया है।


हाई प्रोफ़ाइल कैदी होने के कारण 51 साल के राम रहीम को 10 गुना 12 फ़ीट साइज की स्पेशल सेल मुहैया कराई गई है, जिसे वो तीन अन्य नंबरदारों के साथ साझा करते हैं। उनके सेल के बाहर बहुस्तरीय सुरक्षा है, ताकि कोई अन्य कैदी या विचाराधीन कैदी उनसे घुल-मिल नहीं सके।

हालांकि, जेल से बाहर आए कुछ विचाराधीन कैदियों ने मीडिया को बताया कि राम रहीम को वीआईपी सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन जेल प्रशासन इस बात से इनकार करता है।


जेल में क्या है राम रहीम की दिनचर्या?
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दिनचर्या की जानकारी रखने वाले एक जेल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनकी लंबी, काली दाढ़ी और मूंछें अब आधे सफ़ेद हो गए हैं और दिन के वक्त खेती और सब्जियों की देखभाल करने की वजह से वो एक स्वस्थ कैदी बन गए हैं।

उन्होंने कहा, "उन्हें जेल की ज़िंदगी में खुद को ढालने में थोड़ा वक्त लगा लेकिन अब वो वहां के माहौल में ढल चुके हैं।"... जब गर्मियां शुरू हुईं तो उनके स्पेशल सेल के लिए कूलर की मांग की गई लेकिन हरियाणा जेल मैनुअल के मानदंडों के कारण इसे मंजूरी नहीं मिली।


जेल अधिकारी कहते हैं, "नियमित कैदियों और उनके प्रोफ़ाइल के अनुसार उन्हें रविवार और सरकारी छुट्टियों को छोड़कर बागवानी का काम करना होता है, जिसके एवज में प्रतिदिन 20 रुपये दिए जाते हैं, अब तक उनकी कमाई छह हज़ार रुपये हुई है।"

राम रहीम को अन्य कैदियों की ही तरह दो जोड़ी कुर्ता-पायजामा पहनने के लिए दी गई हैं लेकिन अपने परिजनों, वकील या अन्य मामलों में सुनवाई के दौरान उन्हें अपने कपड़े पहनने की इजाज़त भी दी गई है।


राम रहीम सुबह 6 बजे उठते हैं, उन्हें चाय दी जाती है। फिर वो कुछ कसरत और पूजा करते हैं। इसके बाद नाश्ते में सुबह 8 बजे उन्हें पावरोटी और मौसमी फल दिए जाते हैं। तब मौसम के अनुसार उन्हें अपने कक्ष से बाहर काम करने की अनुमति दी जाती है।

दोपहर एक बजे तक वो काम करते हैं। उसके बाद उन्हें रोटी और दाल दी जाती है। फिर उन्हें शाम 5 बजे तक अपने सेल में ही आराम करने को कहा जाता है। शाम को कैदियों को एक-दूसरे से मिलने की अनुमति होती है लेकिन राम रहीम किताबों में समय बिताते हैं या कविता लिखने में तल्लीन रहते हैं।


अपने ऊपर चल रहे केस की स्थिति जानने को लेकर वो उत्सुक रहते हैं लेकिन इसके अलावा वो उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी या नंबरदारों से शायद ही बातें करते हैं।

क्या पैरोल लेंगे राम रहीम?
राम रहीम 28 अगस्त के बाद पैरोल के हकदार हैं। हरियाणा बेहतर आचरण कैदी अधिनियम 2007 के तहत सजायाफ़्ता कैदी अच्छे आचरण के आधार पर एक साल पूरा करने के बाद पैरोल के लिए आवेदन कर सकते हैं।


धारा 3 (1) के तहत चार 'पर्याप्त कारणों' के आधार पर इस मामले में विचार किया जाता है।

1. सजायाफ़्ता के आश्रितों के स्कूल/कॉलेज/पेशेवर संस्थानों में एडमिशन।
2. सजायाफ़्ता की पत्नी की निर्धारित डिलिवरी।
3. घर की मरम्मत/ सजायाफ़्ता के स्वामित्व वाले नए घर का निर्माण।
4. सजायाफ़्ता के अपने बेटे या बेटी या उसके भाई जो अब जीवित नहीं हैं उनके बेटे या बेटी की शादी के लिए।

जेल प्रशासन ने कहा कि वो सभी क़ानूनी मामलों में निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं और इस मामले में भी इसका पालन किया जाएगा।


राम रहीम के क़ानूनी मामलों को देख रहे वकील एसके नरवाना गर्ग ने कहा कि इस मामले में उनके परिवार के किसी भी सदस्य से कोई भी चर्चा नहीं हुई है। अधिकारी कहते हैं, "इस पर परिवार के साथ अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है, इसकी मांग सजायाफ़्ता का परिवार ही कर सकता है।"

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